गुजरात से हिंदीभाषी लोगों के पलायन को रोकने के लिए पुलिस का 'पानी पूरी प्लान'

गुजरात के जिलों में अधिकारी हिंदी भाषी प्रवासी कामगारों को रुकने के लिए मना रहे हैं.

Published date india.com Published: October 14, 2018 7:32 AM IST
गुजरात से हिंदीभाषी लोगों के पलायन को रोकने के लिए पुलिस का 'पानी पूरी प्लान'

अहमदाबाद: गुजरात के जिलों में अधिकारी हिंदी भाषी प्रवासी कामगारों को रुकने के लिए मना रहे हैं. राज्य में 14 माह की बच्ची से बलात्कार के बाद प्रवासी कामगारों पर हमले हो रहे हैं जिसके चलते वे गुजरात से पलायन कर रहे हैं. साबरकांठा जिले में 28 सितंबर को बच्ची से बलात्कार के आरोप में बिहार के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था जिसके बाद गैर गुजरातियों को निशाना बनाया गया. हमलों के बाद हिंदी भाषी कामगार गुजरात से जाने लगे. मुख्य सचिव जे एन सिंह ने प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को हिंदी भाषी लोगों के पास जाकर उनमें भरोसा कायम करने के निर्देश दिए हैं.

इस कदम के तहत अरवल्ली जिले के कलेक्टर एन नागराजन ने पुलिस अधीक्षक मयूर पाटिल के साथ गुरुवार को मध्य प्रदेश के एक प्रवासी कामगार के स्टॉल से ‘पानी पूरी’ खाई. उन्होंने प्रवासियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की तस्वीरें भी साझा की.अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और अन्य प्रभावित जिलों के कलेक्टरों ने भी बड़ी प्रवासी आबादी वाले इलाकों का दौरा किया और प्रवासियों के साथ समय बिताया और सुरक्षा को लेकर उनकी चिंताओं का निराकरण किया. पिछले कुछ दिनों में उन्होंने हिंदी भाषी प्रवासियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों के नेताओं के साथ भी बैठकें की. ज्यादातर प्रवासी गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों में नौकरी करते हैं.

इस बीच गुजरात में बिहारियों सहित उत्तर भारतीयों पर हमले और हजारों की संख्या में वहां से उनके पलायन को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हुए हमले को लेकर वहां के कांग्रेस पार्टी के विधायक अल्पेश ठाकोर के कथित भड़काऊ भाषण को जिम्मेवार ठहराते हुए गुरुवार को उनकी तुलना 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी अजमल कसाब से की थी.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार विधान परिषद सदस्य प्रेमचन्द मिश्रा ने कहा कि हम गिरिराज से कुछ बेहतर उम्मीद नहीं करते हैं. लेकिन वह और उनकी पार्टी अल्पेश ठाकोर पर आरोप अपनी विफलता को छुपाने के लिए लगा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी को बिहार के लोगों को पहले यह बताना चाहिए कि उनके शासित प्रदेशों में यहां के लोगों को क्यों निशाना बनाया जा रहा है. इससे पूर्व महाराष्ट्र में बिहार के रहने वाले ऑटोरिक्शा चालकों को मराठी भाषा सीखने का फरमान जारी किया गया था.

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