अहमदाबाद: गुजरात से कांग्रेस के पांच पूर्व विधायक शनिवार को भाजपा में शामिल हो गये. राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के आठ विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था और इनमें से पांच ने आज भाजपा का दामन थाम लिया. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जीतू वाघाणी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में जीतू चौधरी, प्रद्युम्नसिंह जाडेजा, जे वी काकड़िया, अक्षय पटेल और बृजेश मेरजा ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की.Also Read - Uttarakhand News: भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस से निष्कासित पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, टिहरी से चुनाव लड़ने की अटकलें

निर्वाचन आयोग ने जैसे ही राज्यसभा चुनाव की नई तारीख 19 जून का एलान किया था, उसके कुछ दिन के बाद ही पटेल, मेरजा और चौधरी ने इस्तीफा दे दिया था. जाडेजा और काकड़िया ने मार्च में विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था. Also Read - Panjab Assembly Election 2022: आज पंजाब दौरे पर राहुल गांधी, मंदिर-गुरुद्वारों में मत्था टेकने के बाद 3 बजे वर्चुअल रैली

गुजरात में राज्यसभा चुनाव पहले 26 मार्च को होना था लेकिन कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर देशभर में लगाये गये लॉकडाउन के चलते इसे टाल दिया गया था. इन पूर्व विधायकों का पार्टी में स्वागत करते हुए वाघाणी ने कहा कि उनकी मौजूदगी स्थानीय स्तर पर पार्टी को मजबूती प्रदान करेगी. उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि इन सभी विधायकों के इस्तीफे से रिक्त हुई विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा अपनी जीत का परचम लहराएगी. Also Read - UP Election 2022: अमित शाह की जाट नेताओं से मीटिंग, BJP सांसद के प्रस्‍ताव पर जयंत चौधरी ने दिया जवाब

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी और राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर कमजोर नेतृत्व के चलते इन विधायकों ने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया. उन्होंने कहा, ‘‘यह पहला मौका नहीं है. इससे पहले भी कई मौकों पर राज्य में कांग्रेस के विधायकों ने भाजपा का दामन थामा है. लगातार ऐसा होने के बावजूद, कांग्रेस यदि भाजपा को जिम्मदार ठहराती है तो मैं उन्हें कहना चाहूंगा कि वे गुजरात में अपनी दुकान बंद कर दें.’’

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस में नेतृत्व का अभाव है और गुटबाजी भी है. विधायकों के इस्तीफे के लिए कांग्रेस खुद जिम्मेदार है.’’ गत मार्च में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले तीन अन्य विधायकों में सोमा पटेल, प्रवीण मारू और मंगल गावित शामिल हैं. वाघाणी ने कहा कि यदि ये तीन पूर्व विधायक भी भाजपा में शामिल होते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करेगी.

कांग्रेस ने 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में 77 सीटें जीती थीं. अब विधानसभा में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या घटकर 65 रह गई है. पिछले कुछ सालों में कांग्रेस के 12 विधायकों ने पार्टी छोड़ी है. इनमें से अधिकांश विधायक भाजपा में शामिल हुए है.

(इनपुट भाषा)