अहमदाबाद. देश की राजनीति में कर्जा-माफी स्कीम का असर चहुंओर दिखने लगा है. हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में किसानों का कर्ज माफ करने को लेकर वादे किए गए. मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर चुनाव लड़ा. सियासी जानकारों के अनुसार इन राज्यों में कांग्रेस को मिली जीत, इन्हीं वायदों का असर है. इसलिए अब देश के अन्य राज्यों की सरकारें भी इस जांचे-परखे ‘हथकंडे’ को आजमाने से चूकना नहीं चाहती है. ताजा मामला गुजरात का है, जहां सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के बिजली बिल माफ किए हैं. गुजरात की विजय रूपाणी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 6 लाख उपभोक्ताओं का 625 करोड़ रुपए का बकाया बिजली बिल माफ करने का एलान किया.Also Read - रामजन्मभूमि की तीर्थयात्रा करने वाले आदिवासियों को देंगे पांच हजार रुपये देगी गुजरात सरकार, पर्यटन मंत्री मोदी ने किया ऐलान

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गुजरात सरकार के अनुसार, एकमुश्त समाधान योजना के तहत यह बकाया माफ किया गया है. मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विधानसभा चुनाव में किए गए वायदे के अनुरूप एक दिन पहले ही कृषि कर्ज माफी के एलान के एक दिन बाद गुजरात सरकार ने यह कदम उठाया है. गांधीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए गुजरात के बिजली मंत्री सौरभ पटेल ने कहा कि सरकार की इस योजना का लाभ उन लोगों को भी मिलेगा जिनके खिलाफ बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज हैं और उनके बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं.

मध्यप्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ की नई सरकार ने भी किसानों का कर्ज माफ करने का एलान किया

इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग केवल 500 रुपए का भुगतान करके बिजली कनेक्शन वापस ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि “बिजली बिलों का समय पर भुगतान नहीं करने को लेकर हमने ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 6.20 लाख लोगों के बिजली कनेक्शन काटे हैं. इन बिजली बिलों की बकाया राशि करीब 625 करोड़ रुपए है. अब हमारी सरकार ने फैसला लिया है कि बकाया बिलों की यह राशि माफ कर दी जाए.” उन्होंने कहा कि इस एकमुश्त समाधान योजना के तहत उपभोक्ता केवल 500 रुपए चुकाकर अपने कृषि, घरेलू और वाणिज्यक बिजली कनेक्शन वापस प्राप्त कर सकते हैं. राजकोट जिले की जसदन विधानसभा सीट पर 20 दिसंबर को होने वाले उपचुनाव से पहले गुजरात सरकार की यह घोषणा सामने आई है.

(इनपुट – एजेंसी)