नई दिल्ली: गुजरात हाई कोर्ट ने शनिवार को कोविड-19 महामारी के मद्देनजर अहमदाबाद में इस साल भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक वार्षिक रथ यात्रा के आयोजन पर रोक लगा दी गई है. इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने इस साल पुरी (ओडिशा) में 23 जून से आयोजित होने वाली ऐतिहासिक जगन्नाथ रथ यात्रा और इससे संबंधित गतिविधियों पर बृहस्पतिवार को रोक लगा दी थी. न्यायालय ने कहा कि ‘‘अगर हम इसकी अनुमति देते हैं तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करेंगे.’’ Also Read - अहमदाबाद में भगवान जगन्‍नाथ मंदिर परिसर के अंदर निकाली रथयात्रा, सीएम ने की पूजा

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का आयोजन 23 जून से होना था और इसमें दुनिया भर के लाखों श्रृद्धालु हिस्सा लेते हैं. शनिवार को अपने आदेश में गुजरात हाई कोर्ट ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा जो कि 23 जून को अहमदाबाद में होने वाली थी, COVID19 महामारी को देखते हुए आयोजित नहीं की जाएगी. Also Read - Jagannath रथ यात्रा से पहले PM नरेंद्र मोदी ने की खुशहाली की कामना, कहा- भगवान आरोग्य लेकर आए

वहीं शीर्ष अदालत का बृहस्पतिवार का आदेश वापस लेने और इसमें सुधार के लिये यह याचिका ‘जगन्नाथ संस्कृति जन जागरण मंच’ ने दायर की है. याचिका में कहा गया है कि यह महोत्सव भगवान जगन्नाथ के लाखों श्रृद्धालुओं की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है और सामाजिक दूरी बनाये रखते हुये केन्द्र के दिशानिर्देशों के अनुसार रथ यात्रा का आयोजन करना राज्य और जिला प्रशासन के लिये असंभव नहीं है. Also Read - भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को मिली इजाजत, ओडिशा CM बोले, हम पूरी तरह से तैयार; अमित शाह ने भी जताई खुशी

जगन्नाथ रथ यात्रा में हर साल दुनिया भर के लाखों श्रृद्धालु शामिल होते है. यह रथ यात्रा महोत्सव 10 से 12 दिन चलता है जो 23 जून को शुरू होने वाला था और रथ यात्रा की वापसी ‘बहुदा जात्रा’ की तारीख एक जुलाई निर्धारित है. इस महोत्सव के लिये भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लिये लकड़ी के तीन विशाल रथ बनाये जाते हैं और पुरी में नौ दिनों के दौरान श्रृद्धालु इसे दो बार तीन किलोमीटर से ज्यादा दूर तक खींचते हैं.