नई दिल्ली: गुजरात हाई कोर्ट ने शनिवार को कोविड-19 महामारी के मद्देनजर अहमदाबाद में इस साल भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक वार्षिक रथ यात्रा के आयोजन पर रोक लगा दी गई है. इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने इस साल पुरी (ओडिशा) में 23 जून से आयोजित होने वाली ऐतिहासिक जगन्नाथ रथ यात्रा और इससे संबंधित गतिविधियों पर बृहस्पतिवार को रोक लगा दी थी. न्यायालय ने कहा कि ‘‘अगर हम इसकी अनुमति देते हैं तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करेंगे.’’Also Read - IPL 2022: श्रेयस अय्यर नहीं हार्दिक पांड्या होंगे अहमदाबाद फ्रेंचाइजी के कप्तान; राशिद खान, ईशान किशन होंगे शामिल

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का आयोजन 23 जून से होना था और इसमें दुनिया भर के लाखों श्रृद्धालु हिस्सा लेते हैं. शनिवार को अपने आदेश में गुजरात हाई कोर्ट ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा जो कि 23 जून को अहमदाबाद में होने वाली थी, COVID19 महामारी को देखते हुए आयोजित नहीं की जाएगी. Also Read - IPL 2022 मेगा ऑक्शन स्थगित कर सकती है BCCI; अहमदाबाद फ्रेंचाइजी-CVC मामला उलझा

वहीं शीर्ष अदालत का बृहस्पतिवार का आदेश वापस लेने और इसमें सुधार के लिये यह याचिका ‘जगन्नाथ संस्कृति जन जागरण मंच’ ने दायर की है. याचिका में कहा गया है कि यह महोत्सव भगवान जगन्नाथ के लाखों श्रृद्धालुओं की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है और सामाजिक दूरी बनाये रखते हुये केन्द्र के दिशानिर्देशों के अनुसार रथ यात्रा का आयोजन करना राज्य और जिला प्रशासन के लिये असंभव नहीं है. Also Read - अदालती आदेश से भी पत्नी को पति के साथ रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

जगन्नाथ रथ यात्रा में हर साल दुनिया भर के लाखों श्रृद्धालु शामिल होते है. यह रथ यात्रा महोत्सव 10 से 12 दिन चलता है जो 23 जून को शुरू होने वाला था और रथ यात्रा की वापसी ‘बहुदा जात्रा’ की तारीख एक जुलाई निर्धारित है. इस महोत्सव के लिये भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लिये लकड़ी के तीन विशाल रथ बनाये जाते हैं और पुरी में नौ दिनों के दौरान श्रृद्धालु इसे दो बार तीन किलोमीटर से ज्यादा दूर तक खींचते हैं.