अहमदाबाद: पश्चिम बंगाल में दो चिकित्सकों पर हुए हमले के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा बुलाई गई हड़ताल के समर्थन में गुजरात में सोमवार को लगभग 28 हजार चिकित्सकों ने कार्य का बहिष्कार किया, जिससे गैर-आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुईं. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि जूनियर डॉक्टरों और प्रशिक्षु चिकित्सकों ने अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा, जामनगर और राज्य के अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शन किए और वे विभिन्न सरकारी एवं निजी अस्पतालों के बाह्य मरीज विभागों (ओपीडी) में काम पर नहीं आए.

आईएमए के गुजरात चैप्टर के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के लगभग 28 हजार चिकित्सक 24 घंटे की इस हड़ताल में शामिल हुए जिसमें अहमदाबाद के नौ हजार चिकित्सक शामिल हैं. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं कुछ हद तक प्रभावित रहीं जबकि आपातकालीन सेवाएं प्रभावित नहीं हुई.

इस बीच जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट्स ने राज्य के सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों के बाहर प्रदर्शन किया और मरीजों के परिवार के सदस्यों द्वारा डॉक्टरों पर किए जाने वाले हमलों को रोकने के लिए एक कड़े कानून की मांग की.

कोलकाता में एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक मरीज की मौत हो गई थी जिसके बाद उसके रिश्तेदारों द्वारा कथित रूप से किये गए हमले में दो डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बाद पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टर 11 जून से हड़ताल पर हैं. इन डॉक्टरों के साथ एकजुटता दिखाते हुए देशभर के चिकित्सकों ने काम नहीं करने का फैसला किया जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं.