गुजरात में चांदीपुरा वायरस का बढ़ा कहर, 39 केस मिले और 23 मरीजों की मौत

Written By: Ikramuddin Updated by: Ikramuddin Saifi
Updated Date:August 8, 2026 11:37 PM IST

चांदीपुरा वायरस का मामला सबसे पहले पंचमहल जिले में सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी थी. गोधरा तालुका के कुछ गांवों में दो छोटे बच्चों की वायरस संक्रमण के बाद मौत हो गई थी.

गुजरात में चांदीपुरा वायरस को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है. प्रदेश में 30 जून से आठ अगस्त के बीच वायरस के 217 संदिग्ध मामले सामने आए हैं. इनमें से 39 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि 23 संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 217 संदिग्ध मामलों में से 208 की जांच रिपोर्ट आ चुकी है और नौ सैंपल की रिपोर्ट अभी आना बाकी है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त के पहले सप्ताह की तुलना में अब संदिग्ध और संक्रमित मरीजों की संख्या दोनों बढ़ी है. इससे पहले अगस्त के शुरुआती दिनों में 184 संदिग्ध मामले सामने आए थे. इनमें 35 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी और 22 संक्रमित मरीजों की मौत हुई थी. अब संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 39 और मौतों का आंकड़ा 23 हो गया है.

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पंचमहल में सामने आया पहला मामला

चांदीपुरा वायरस का मामला सबसे पहले पंचमहल जिले में सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी थी. गोधरा तालुका के कुछ गांवों में दो छोटे बच्चों की वायरस संक्रमण के बाद मौत हो गई थी. इसके बाद प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर लोगों की जांच शुरू की गई और कीटनाशक का छिड़काव भी कराया गया. स्वास्थ्य विभाग ने पंचमहल जिले में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य टीमों को लगाया था. ये टीमें घर-घर जाकर लोगों की सेहत की जानकारी ले रही हैं और संदिग्ध मरीज मिलने पर उनके सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं. इसके बाद दूसरे जिलों से भी संदिग्ध संक्रमण के मामले सामने आने लगे.

बच्चों के लिए चिंता की बात

चांदीपुरा वायरस खासतौर पर बच्चों के लिए चिंता का कारण माना जाता है. यह वायरस मुख्य रूप से सैंडफ्लाई यानी बालू मक्खी के जरिए फैलता है. संक्रमण होने पर बच्चों में दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारी के लक्षण सामने आ सकते हैं. कई मामलों में बीमारी तेजी से गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए समय पर लक्षणों की पहचान और इलाज जरूरी माना जाता है.स्वास्थ्य विभाग लगातार संदिग्ध मामलों पर नजर रख रहा है और सैंपलों की जांच कराई जा रही है. फिलहाल नौ संदिग्ध मामलों की लैब रिपोर्ट का इंतजार है. इन रिपोर्टों के आने के बाद यह साफ होगा कि इनमें से कितने मरीजों में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि होती है.

राज्य में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए निगरानी, सैंपल जांच और प्रभावित इलाकों में जरूरी कदम जारी हैं. स्वास्थ्य विभाग की कोशिश संदिग्ध मरीजों की जल्द पहचान करने और संक्रमण के मामलों पर लगातार नजर रखने की है.(एजेंसी इनपुट्स)

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