सूरत: गुजरात में एक मुस्लिम संगठन ने आरोप लगाया है कि सूरत के प्रभारी पुलिस आयुक्त डी एन पटेल ने उनके प्रतिनिधियों को ‘‘पाकिस्तानी और बांग्लादेशी’’ कहा, जब वे हाल ही में शहर में चल रहे सीएए-विरोधी प्रदर्शन को लेकर उनसे मिलने गए थे. संपर्क करने पर, पटेल ने इस आरोप पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वह सरकार को अपना जवाब देंगे. Also Read - Covid-19 Death Case: लाश देखते ही बिदक गए लोग, तोड़ डाली एंबुलेंस, कहा इसे जलाया तो यहां कोरोना फैल जाएगा...

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और राज्य के गृह विभाग को 28 फरवरी को ई-मेल किए गए एक पत्र में, जमीयत-ए-उलेमा-ए-हिंद की राज्य इकाई ने आरोप लगाया कि वे सूरत के रांदेर इलाके में शिरीन बाग में चल रहे सीएए-विरोधी प्रदर्शन को लेकर पटेल से मिलने गए तो उन्होंने उनके प्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार किया. सूरत के पुलिस आयुक्त (सीपी) आर बी ब्रह्मभट्ट फिलहाल छुट्टी पर हैं. उनकी अनुपस्थिति में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पटेल पुलिस आयुक्त का प्रभार संभाल रहे हैं. Also Read - गुजरात में लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 3 हज़ार से ज़्यादा लोग गिरफ्तार

बता दें कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से गहमा गहमी का माहौल चल रहा है. राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि दिल्ली हिंसा के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है और आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा राष्ट्रीय राजधानी में विधानसभा चुनाव हारने के बाद विभाजनकारी राजनीति कर रही है. पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सम्मेलन को यहां संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान उनके भाषणों के लिए निशाना साधा. Also Read - कोरोनावायरसः पुलिस ने खाली कराया शाहीन बाग, सौ दिन से चल रहा था CAA के खिलाफ प्रोटेस्ट

पवार ने कहा कि संविधान के अनुसार, जनप्रतिनिधि और सत्तारूढ़ दल दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति के लिए जिम्मेदार नहीं है. यह जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है. इसलिए दिल्ली में जो कुछ हो रहा है उसकी 100 फीसदी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है क्योंकि कानून व्यवस्था के लिए वही जिम्मेदार है.  उत्तरपूर्वी दिल्ली में हाल की सांप्रदायिक हिंसा में कम से कम 42 लोगों की मौत हो गई है जबकि 200 से अधिक घायल हुये हैं. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय राजधानी जल रही है. केंद्र में सत्तारूढ़ दल वहां विधानसभा चुनाव नहीं जीत सका और उसने सांप्रदायिकता को हवा देकर समाज को बांटने का प्रयास किया.

इनपुट-एजेंसी