अहमदाबाद. कथित फर्जी मुठभेड़ मामलों के आरोपी गुजरात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एन के अमीन और तरूण बारोट ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पद छोड़ने संबंधी हलफनामा देने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया. पिछले साल पुलिस अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुये अमीन तापी जिले के पुलिस अधीक्षक के तौर पर सेवा दे रहे थे.

बारोट को उनकी सेवानिवृत्ति के एक साल बाद पिछले साल अक्तूबर में वडोदरा में पश्चिम रेलवे के पुलिस उपाधीक्षक के तौर पर पुन: नियुक्ति दी गयी थी. अमीन ने सोहराबुद्दीन और इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में मुकदमे का सामना किया. बारोट इशरत जहां और सादिक जमाल मुठभेड़ मामले में आरोपी थे.

अमीन ने कहा कि उच्चतम न्यायालय में चल रहे मुकदमे को देखते हुये प्रदेश सरकार को किसी ‘‘शर्मिंदगी’’ से बचाने के लिये उन्होंने और बारोट ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा देने का फैसला किया है. अमीन ने पीटीआई-भाषा को बताया, किसी शर्मिंदगी से सरकार को बचाने के लिये हमने इस्तीफा देने का फैसला किया. मैं तापी जिले और गुजरात के लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं.

बारोट ने कहा कि इस्तीफा देने के अलावा उनके पास कोई और विकल्प नहीं बचा था. उन्होंने कहा, उच्चतम न्यायालय द्वारा इस्तीफा देने के लिये कहे जाने के बाद मैं और क्या कर सकता था. मैंने अपना इस्तीफा राज्य सरकार को भेज दिया. इससे पहले अमीन और बरोट ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वे आज ही अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे.

प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने दोनों पुलिस अधिकारियों की ओर से पेश अधिवक्ता के बयान पर गौर किया और उनसे आज ही अपने पदों से इस्तीफा देने को कहा. इसके बाद पीठ ने दोनों पुलिस अधिकारियों की पुन भर्ती के खिलाफ पूर्व आईपीएस अधिकारी राहुल शर्मा की याचिका का निबटारा कर दिया.