एक तरफ जहां गेम ऑफ गुजरात में सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी है तो वहीं दूसरी तरफ गुजरात में शराब की मांग अचानक काफी बढ़ गई है. एजेंसियों से बचने के लिए शराब माफिया ने नए कोडवर्ड भी ईजाद कर लिए हैं. शराब माफियाओं की नई चाल जानकर आप भी चौंक जाएंगे.

सूत्रों के मुताबिक आने वाले चुनाव के मद्देनजर गुजरात में शराब की मांग में अचानक जबरदस्त इजाफा हुआ है. सूत्रों का दावा है कि यह मांग किसी और की नहीं बल्कि कुछ उम्मीदवारों और राजनीतिक नेताओं की ही है जो अपने कार्यकर्ताओं और वोट बैंक को रिझाने के लिए शराब बांटने के लिए आमादा हैं. बता दें कि गुजरात एक ड्राई स्टेट है यानि यहां शराब पर पूरी तरह पाबंदी है. यही वजह है कि बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों से शराब मंगवाई जा रही है.

सूत्रों का दावा है कि अपने कंसाइनमेंट को गुजरात के भीतर ले जाने के लिए शराब माफिया की महाराष्ट्र के खासतौर पर 3 जिलों पर नजर है जिनमें नासिक, धुले और नंदुरबार के कुछ इलाके शामिल हैं. इससे पहले अब तक माफिया पालघर जिले के रास्ते शराब की तस्करी करते थे जिससे अब एक्साइज विभाग भी वाकिफ है. यही वजह है कि उन्होंने अब नए एंट्री पॉइंट्स चुन लिए हैं. इतना ही नहीं सूत्रों की अगर मानें तो शराब के इन सौदागरों ने एजेंसियों की आंख में धूल झोंकने के लिए नए कोडवर्ड भी ईजाद कर लिए हैं.

शरबत – शराब, दारू

काला खट्टा – व्हिस्की

नींबू पानी – वोडका

टॉनिक – जिन्न

सिरप/दवा – रम (ओल्ड मॉन्क)

गाठिया – बीयर

किशमिश – वाइन

किशमिश (लाल) – रेड वाइन

किशमिश (सफेद) – व्हाइट वाइन

आप यह जानकर चौक जाएंगे कि कोडवर्ड सिर्फ शराब की किस्म के लिए ही नहीं बल्कि उनकी क्वांटिटी के लिए भी तैयार किए गए हैं ताकि शराब के ये सौदागर एजेंसियों को चकमा दे सकें. ये कोडवर्ड हैं-

फाफड़ा – फुल बॉटल (खंभा)

पापड़ी – क्वॉर्टर

सेंपल – टिन

1 किलो – 1 कॅरेट

काका – पुलिस

शादी/पार्टी वेन्यू – डिलीवरी लोकेशन

मेहमान – जनता

यानी अगर कोई माफिया कहे कि उसे शरबत का ऑर्डर मिला है, काका को बिना बताए उसे नींबू पानी और 1 किलो फाफड़ा भेजना है तो इसका मतलब होगा कि उसे शराब का आर्डर मिला है और पुलिस को बिना बताए उससे वोडका की बोतलों का 1 कैरेट/बॉक्स भेजना है.

महाराष्ट्र एक्साइज विभाग के मुताबिक माफिया गैंग कोडवर्ड्स के अलावा अलग अलग मोडस ऑपरेंडी से भी शराब की खेप को पड़ोसी राज्य में स्मगल करते हैं जिसमें एंबुलेंस तक का इस्तेमाल शामिल है. बहरहाल, एक्साइज विभाग ने भी अपने इनफॉर्मर्स को एक्टिवेट कर दिया है. साथ ही गुजरात चुनाव के दौरान ऐसे माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिये खास रणनीति भी बनाई है.

(अमित कोटेचा और राकेश त्रिवेदी, जी मीडिया)