नई दिल्ली। गुजरात के पूर्व आईपीएस अफसर संजीव भट्ट को मादक पदार्थों से जुड़े एक मामले में आज गिरफ्तार कर लिया गया. भट्ट की गिरफ्तारी 1998 के पालनपुर में मादक पदार्थों की खेती के मामले में हुई है. भट्ट को गुजरात की सीआईडी (क्राइम) ने हिरासत में लेकर पूछताछ की है. Also Read - अयोध्या में सबसे पहले 7 मिनट के लिए हनुमान मंदिर में जाएंगे PM मोदी, ये है बड़ी वजह

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संजीव भट्ट के अलावा 7 और लोगों को भी गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की गई है. जुलाई में गुजरात हाई कोर्ट ने राज्य सीआईटी को बनासकांठा के पालनपुर में मादक पदार्थ खेती मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. 1996 में राजस्थान के एक वकील को 1.5 किलो नारकोटिक्स के साथ गिरफ्तार किया था. 3-4 महीने पहले ही गुजरात हाई कोर्ट ने सीआईडी से इस मामले में एसआईटी गठित करने को कहा था. जांच के बाद सामने आया कि संजीव भट्ट ने वकील के खिलाफ झूठा केस दर्ज किया था.

गुजरात सरकार ने किया था बर्खास्त

बता दें कि संजीव भट्ट गुजरात के चर्चित आईपीएस रहे हैं. वह गुजरात सरकार नरेंद्र मोदी का मुखर विरोध के लिए जाने जाते हैं. 1998 बैच के आईपीएस अफसर भट्ट को अनुशासनहीनता के आरोप में गुजरात सरकार ने बर्खास्त कर दिया था. उनपर आरोप था कि उन्होंने जूनागढ़ ट्रांसफर होने के बावजूद अहमदाबाद में ही रहकर सरकार गाड़ी और कमांडो का दुरुपयोग किया था.

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नरेंद्र मोदी के गुजरात का सीएम रहते उन्होंने सरकार पर कई आरोप लगाए थे. उन्होंने मोदी को गुजरात दंगों का जिम्मेदार बताया था. उनका कहना था कि वह तत्कालीन सीएम की उस मीटिंग में शामिल थे जिसमें हिंदुओं को बदला लेने देने का मौका दिए जाने की बात कही गई थी.  पुलिस विभाग से सस्पेंड होने के बाद उन्होंने राजनीति में भी हाथ आजमाया था और विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था जिसमें उन्हें हार मिली थी. अब सीआईडी की हिरासत में आने के बाद वह फिर चर्चा में हैं.