गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में जमीन सौदे में कथित अनियमितताओं के मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा के खिलाफ राज्य पुलिस ने मामला दर्ज किया है. मानेसर के पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार ने बताया कि हुड्डा, वाड्रा और दो कंपनियों – डीएलएफ और ओंकारेश्चर प्रोपर्टीज के खिलाफ गुरुग्राम के खेडकीदौला पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है. कुमार ने बताया कि नूंह निवासी सुरिंदर शर्मा की ओर से हमें शिकायत मिली, जिसमें उन्होंने जमीन सौदे में अनियमितताओं का आरोप लगाया था.Also Read - अब कांग्रेस की हरियाणा इकाई में बढ़ी गुटबाजी, कुमारी सैलजा को हटाने की पैरवी कर रहे हुड्डा समर्थक विधायक

अपने खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने कहा है कि ये सब असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए किया जा रहा है. वाड्रा ने कहा, ”चुनाव आने वाले हैं, पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं तो ऐसे में आम लोगों के असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए मेरे कई साल पुराने मुद्दे को उठाया जा रहा है. इसमें नया क्या है? Also Read - दिल्ली पुलिस ने रॉबर्ट वाड्रा की गाड़ी का काटा चालान, अचानक लगा दिया था ब्रेक...

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इस मामले में सीबीआई ने फरवरी में हुड्डा और 33 अन्य लोगों के खिलाफ 1500 करोड़ रुपए से अधिक के मानेसर जमीन सौदे में कथित भ्रष्टाचार के मामले में आरोप पत्र दायर किया था. यह आरोप पत्र गुरुग्राम के मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के जमीन सौदों से संबंधित था. भाजपा ने राबर्ट वाड्रा को निशाना बनाते हुए 2014 के चुनाव में इस जमीन सौदे को एक बड़ा मुद्दा बनाया था.

शनिवार को दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि वाड्रा के स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड पर गुरुग्राम के सेक्टर 83 में 3.5 एकड़ जमीन ओंकरेश्वर प्रॉपर्टीज से वर्ष 2008 में 7.50 करोड़ रुपए में खरीदने का आरोप है, जब हुड्डा राज्य के मुख्यमंत्री थे और उनके पास आवास एवं शहरी नियोजन विभाग भी था. प्राथमिकी में कहा गया कि स्काईलाइट ने बाद में हुड्डा के प्रभाव से कॉलोनी के विकास के लिए कमर्शल लाइसेंस प्राप्त कर इस जमीन को डीएलएफ को 58 करोड़ रुपए में बेचा.

इसमें नियमों को उल्लंघन कर गुरुग्राम के वजीराबाद में डीएलएफ को 350 एकड़ जमीन बेचने का भी आरोप है, जिससे इस रियल एस्टेट कंपनी को 5000 करोड़ रुपए का लाभ पहुंचा. भाजपा नेतृत्व वाली मनोहर लाल खट्टर सरकार ने 14 मई 2015 मे गुरुग्राम के सेक्टर 83 में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा वाणिज्यिक उपनिवेशों के विकास के लिए लाइसेंस प्रदान करने की जांच करने के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया था.

न्यायमूर्ति एस एन ढिंगरा आयोग को गठन जांच अधिनियम के आयोग के अधीन किया गया. वाड्रा और हुड्डा पर धारा 420(धोखाधड़ी), 120बी (अपराधिक साजिश), 467 (जालसाजी) और 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी), 471 (नकली दस्तावेजों को इस्तेमाल असली के रूप में करना) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

शिकायत के अनुसार ओंकरेश्वर प्रॉपर्टीज को भुगतान चेक के द्वारा किया, जिसका उल्लेख पंजीकृत दस्तावेजों में था. लेकिन ओंकरेश्वर प्रॉपर्टीज ने कभी चेक जमा नहीं कराया, जिससे पता चलता है कि यह एक मुखौटा कंपनी थी.

(इनपुट: एजेंसी)