पंचकूला (हरियाणा). पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने शुक्रवार को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के लिए मृत्युदंड की मांग की. पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के करीबी सहयोगियों ने हत्या कर दी थी. पंचकूला स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम व तीन अन्य को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में दोषी करार दिया. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने मीडिया से कहा, “इस तरह का व्यक्ति हमारे समाज में रहने लायक नहीं है. हमारी मांग है कि उसे (गुरमीत राम रहीम) मौत की सजा दी जाए.” अंशुल ने कहा, “बीते 16-17 सालों से उम्मीद लगाए हैं कि हमे न्याय मिलेगा. हमें लंबे समय तक जूझने के बाद आज न्याय मिला है.” गौरतलब है कि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले के अलावा गुरमीत पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या मामले का भी सामना कर रहा है. इस मामले की भी सीबीआई अदालत में सुनवाई चल रही है. रंजीत सिंह को जुलाई 2003 में गोली मारी गई थी. माना जाता है कि रंजीत, डेरा प्रमुख के बहुत से गलत कार्यों का राजदार था.

अंशुल ने कहा, “हमें बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है और बहुत कष्ट उठाने पड़े हैं, क्योंकि वह (गुरमीत राम रहीम) बहुत ज्यादा शक्तिशाली था. हम सीबीआई टीम का आभार जताते हैं कि उसने मामले की जांच की और हमारा समर्थन किया. इस व्यक्ति को मौत की सजा मिलनी चाहिए.” इससे पहले हरियाणा के पंचकूला स्थित CBI की विशेष अदालत ने शुक्रवार को सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी करार दिया. अदालत ने तीन अन्य को भी मामले में दोषी करार दिया है. ये तीनों डेरा प्रमुख राम रहीम के करीबी सहयोगी रहे हैं. अदालत में मौजूद कृष्ण लाल, कुलदीप व निर्मल को पुलिस ने तत्काल हिरासत में ले लिया और तीनों को अंबाला जेल भेज दिया गया. सीबीआई अदालत 17 जनवरी को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति मामले में सजा का एलान करेगी.

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम सहित चारों आरोपी दोषी करार

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को अक्टूबर 2002 में गोली मारी गई थी. छत्रपति की अस्पताल में कई दिनों तक जिंदगी के लिए जूझने के बाद नवंबर में मौत हो गई. राम रहीम के पूर्व चालक खट्टा सिंह ने पहले ही अदालत में बयान दे चुका था कि राम रहीम ने पत्रकार की हत्या करने का आदेश दिया था. आपको बता दें कि गुरमीत अपनी शिष्याओं के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद जेल की सजा काट रहा है. गुरमीत का पंजाब और हरियाणा की राजनीतिक पार्टियों व नेताओं के बीच काफी सम्मान था, क्योंकि उसके पास अनुयायियों का बड़ा वोट बैंक था. डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद हरियाणा के सिरसा और पंचकूला में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी और 260 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.