नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि गुरु नानक देव की 551वीं जयंती पर भारत से सिखों का एक जत्था पाकिस्तान स्थित ‘जन्म स्थान गुरुद्वारा ननकाना’ साहिब जाएगा और यह यात्रा 27 नवंबर से एक दिसंबर तक होगी. मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि यात्रा भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक स्थलों की यात्रा से संबंधित 1974 के द्विपक्षीय प्रोटोकॉल के तहत होगी. Also Read - विपक्ष की रैलियां से डरे इमरान खान, बोले- पूरे पाकिस्तान में लगा दूंगा लॉकडाउन

डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में यह पूछे जाने पर कि क्या गुरु नानक देव की 551वीं जयंती पर सिखों के पाकिस्तान जाने के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोला जाएगा, श्रीवास्तव ने कहा कि इसपर और संबंधित मुद्दों पर मंत्रालय में संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा हुई है. Also Read - पाकिस्तान ने LOC पर गांवों और चौकियों को फिर बनाया निशाना, इस साल अब तक चार हज़ार बार कर चुका है संघर्ष विराम का उलंघन

उन्होंने कहा, ‘‘यह निर्णय हुआ है कि गुरु नानक देव जी की 551वीं जयंती पर भारत से सिखों का एक जत्था 27 नवंबर से एक दिसंबर तक के लिए ‘जन्म स्थान गुरुद्वारा ननकाना साहिब’ जाएगा.’’ Also Read - Nagrota Encounter: नगरोटा मुठभेड़ के बाद भारत के तेवर सख्त, पाकिस्तानी हाई कमीशन अधिकारी को किया गया तलब

पिछले कुछ वर्षों में श्रीलंकाई जलक्षेत्र में घुसने के आरोप में पकड़ी गईं मछली पकड़ने वाली अनेक भारतीय नौकाओं को नष्ट करने के श्रीलंका की एक अदालत के फैसले के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हमने खबरें देखी हैं…हम श्रीलंका सरकार के संपर्क में हैं.’’

ब्रिटेन से विजय माल्या के प्रत्यर्पण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हमें बताया गया है कि वहां कोई गोपनीय कानूनी मुद्दा है जिसका समाधान किए जाने की आवश्यकता है और कानूनी मुद्दा पूरा होने के बाद विजय माल्या को भारत को प्रत्यर्पित किया जा सकता है.’’