नई दिल्ली: जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख एच. डी. देवेगौड़ा ने गुरुवार को कहा कि आगामी चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने संबंधी बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती के फैसले को विपक्षी एकता के बिखराव के रूप में नहीं देखना चाहिए. पूर्व प्रधानमंत्री ने इस पर जोर दिया कि 2019 में होने वाले आम चुनावों से पहले भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बनाने के लिए अभी और वक्त है. उन्होंने मायावती के फैसले के कारण किसी भी नतीजे पर पहुंचने के खिलाफ आगाह किया.

बसपा प्रमुख मायावती ने बुधवार को घोषणा की थी कि राजस्थान और मध्यप्रदेश में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी अकेले दम पर या फिर क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन में लड़ेगी. वह कांग्रेस के साथ गठजोड़ नहीं करेगी. मायावती ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान अजित जोगी की पार्टी के साथ पूर्व में भी गठबंधन किया था.

मायावती के हमले के बाद भाजपा ने भी कसा तंज, कहा कांग्रेस के डीएनए में गठबंधन नहीं गांधी परिवार है

अकेले दम पर चुनाव लड़ने के मायावती के फैसले को कांग्रेस के लिए और भाजपा के खिलाफ महागठबंधन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. यह पूछने पर कि क्या मायावती के फैसले के बाद विपक्ष की एकता बिखर रही है, गौड़ा ने कहा, ‘‘मुझे ऐसा नहीं लगता.’’ उन्होंने कहा, ‘‘सभी राज्यों के नेताओं की अपनी प्राथमिकताएं हैं और आम चुनावों में अभी वक्त है. एक घटना के आधार पर आप नतीजा नहीं निकाल सकते हैं.’’

मायावती के हमले पर कांग्रेस का जवाब, कोई साथ नहीं आया तो भी भाजपा से मुकाबले को तैयार

मायावती के इस हमले क बाद भाजपा ने भी कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा था. पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि गठबंधन कांग्रेस के डीएनए में नहीं है. वह केवल गांधी परिवार को महत्‍वपूर्ण मानती है. हालांकि, जवाब में कांग्रेस ने कहा था कि कोई पार्टी साथ नहीं आए तो भी वह अगले आम चुनावों में भाजपा से स्‍वस्‍थ मुकाबले के लिए तैयार है.