नई दिल्ली. कर्नाटक चुनाव में एक के बाद एक घटे नाटकीय घटनाक्रम के बाद सीएम बीएस येदियुरप्पा ने शनिवार को फ्लोर टेस्ट से पहले इस्तीफा दे दिया. इस्तीफे से पहले एक भावुक भाषण में उन्होंने कहा कि वह जनता के बीच जाएंगे और उनका दिल जीतेंगे. ऐसी स्थिति में अब कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस की सरकार बनने जा रही है. कांग्रेस ने जेडीएस के कुमारस्वामी को सीएम के लिए समर्थन दे दिया है. कुमारस्वामी दूसरी बार सीएम बनेंगे. इसके पहले वह बीजेपी के समर्थन से सीएम बने थे. Also Read - 'क्या तुम पीड़िता से शादी करोगे' टिप्पणी को ‘गलत तरीके से प्रचारित’ किया गया, हम ‘महिलाओं का बहुत सम्मान’ करते हैं: सुप्रीम कोर्ट

बीजेपी की मदद से सीएम बने थे कुमारस्वामी
दूसरी तरफ देखें तो देवगौड़ा के बेटे कुमारस्वामी बीजेपी के करीब रहे हैं. साल 2004 में कांग्रेस के साथ सरकार बना चुकी जेडीएस ने साल 2006 में कांग्रेस का साथ छोड़ बीजेपी से हाथ मिला लिया. इसके पीछे कुमारस्वामी के मन में सीएम पद की कुर्सी थी. बीजेपी से समझौते के तहत जेडीएस और बीजेपी का 20-20 महीने का सीएम तह हुआ. कुमारस्वामी जनवरी 2006 में कर्नाटक के सीएम की कुर्सी पर पहुंच गए. Also Read - क्या है 50 फीसदी आरक्षण सीमा का मामला? सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा नोटिस

बीजेपी को दे चुके हैं झटका
कूमारस्वामी राजनीति करने से यहीं नहीं रुके. साल 2007 में सत्ता बीजेपी को सौंपने की जगह उन्होंने इस्तीफा दे दिया. ऐसे में राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया. एक के बाद एक बदले समीकरण में जेडीएस ने एक बार फिर बीजेपी को समर्थन दे दिया. लेकिन 7 दिन में ही ये गठबंधन टूट गया. Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को जारी किया नोटिस, पूछा- क्या 50 फीसदी से बढ़ाई जा सकती है आरक्षण की सीमा

सेक्यूलर राजनीति के लिए बनाया गठबंधन
जेडीएस अभी बसपा, लेफ्ट फ्रंट और ओवैसी के साथ गठबंधन के साथ चल रही है. इससे पहले भी साल 2015 में जेडीएस ने सपा, इनेलो, जेडीयू, आरजेडी और सजपा के साथ मिलकर बीजेपी विरोध में एक मोर्चा बनाया था. हालांकि बाद में आरजेडी-जेडीयू अलग हो गए और ये गठबंधन चल नहीं पाया. जनता दल से पीएम बने देवगौड़ा ने जेडीएस को देश के अन्य हिस्सों में भी फैला रखा है. केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट का हिस्सा है.