पुणेः महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक बड़ा साइबर हमला हुआ है. इसे संभवतः देश का सबसे बड़ा साइबर हमला माना जा रहा है. अज्ञात हैकरों ने यहां के कोसमोस कोऑपरेटिव बैंक में हमला कर उसमें से करीब 95 करोड़ रुपये विदेशी खातों में ट्रांसफर कर लिए. पुलिस के मुताबिक हैकरों ने बैंक के सिस्टम को हैक करने के लिए मालवेयर का इस्तेमाल किया और तीन दिन के भीतर 12 हजार ट्रांजेक्शन्स के जरिए ये रकम ट्रांसफर कर लिए. वैसे बैंक अधिकारियों ने दावा किया है कि खाताधारकों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये पैसा किसी भी खाते से नहीं निकाला नहीं गया है.Also Read - Noida News: खाते से 67 लाख रुपये निकालने वाला अरेस्ट, बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर लूटता था पैसा

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हमारे सहयोगी अखबरा डीएनए से बातचीत में बैंक के प्रबंध निदेशक सुहाग गोखले ने कहा कि हम अपने सभी बैंक खाताधारकों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है. फायरवाल प्रोटेक्शन के कारण हैकर्स किसी भी बैंक खाते तक नहीं पहुंच पाए. जो पैसे हस्तांतरित किए गए हैं उसमें से अधिकतर इंटर-बैंक सेटलमेंट खातों के हैं. हमारा आंतरिक ऑडिट चल रहा है. इसके बाद ही ट्रांसफर किए गए कुल रकम की जानकारी मिलेगी. Also Read - आखिरकार हुआ बड़ा खुलासा, ये देश भारत पर कर रहे हैं बड़े Cyber Attack

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साइबर पुलिस कर रही जांच

इस धोखाधड़ी का पता सोमवार को चला. इसके बाद ही चतुश्रुंगी पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया. पुणे साइबर सेल पुलिस के मुताबिक हैकरों ने खाताधारकों के कार्ड्स का क्लोन तैयार किया और इसके जरिए पैसे ट्रांसफर कर लिए.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 11 अगस्त को हैकर्स ने डेबिड कार्ड का क्लोन बनाया और इसके जरिए 12000 ट्रांजेक्शन्स किए. इसके जरिए 78 करोड़ रुपये भारत से बाहर ट्रांसफर कर दिए गए. उसी दिन देश के भीतर कुल 2849 ट्रांजेक्शन्स किए गए जिसमें 2.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. इसके बाद 13 अगस्त को हैकर्स ने स्विफ्ट ट्रांजेक्शन के जरिए हांगकांग के एक बैंक में 13.92 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए. उसी दिन बैंक अधिकारियों को इस साइबर फ्रॉड की जानकारी मिली और एक मामला दर्ज करवाया गया. पुलिस ने इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 43, 65, 66 (सी) और इंडियन पीनल कोड की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पुणे पुलिस के साइबर सेल की एक टीम मामले की जांच कर रही है.

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