नई दिल्ली: कोरोना महामारी के कारण इस साल भारत से हज पर लोगों के जाने की संभावना बहुत कम है, हालांकि सऊदी अरब की ओर से आगे की स्थिति के बारे में जानकारी दिए जाने के बाद इस पर कोई अंतिम निर्णय होगा. शीर्ष सूत्रों ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में यह जानकारी दी. उधर, भारतीय हज कमेटी ने एक परिपत्र के माध्यम से हज-2020 पर जाने के लिए चयनित लोगों से कहा है कि हज पर नहीं जाने की इच्छा रखने वाले लोग अपने पैसे वापस ले सकते हैं. Also Read - कोरोना के नए प्रकार के कारण वैश्विक स्तर पर संक्रमण के बढ़े मामले, जानिए इसके पीछे की वजह

एक शीर्ष सूत्र ने बताया, ‘‘सऊदी अरब में भी कोरोना मामले लगातार बढ़ रहे हैं. हमारे यहां से दो लाख लोगों को जाना है. हमारी तैयारी थी, लेकिन अब समय बहुत कम बचा है. हम सऊदी अरब की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी आने की का इंतजार कर रहे हैं.’’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘इस बार भारत से हज पर लोगों के जाने की संभावना बहुत कम है.’’ Also Read - दिल्ली में कोरोना के 2,505 नए मामले सामने आए, 10 लाख की आबादी पर किए जा रहे 32,650 टेस्ट

हज कमेटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मकसूद अहमद खान की तरफ से जारी परिपत्र के मुताबिक हज-2020 में कुछ सप्ताह का समय बचा है और अब तक सऊदी अरब की तरफ से आगे की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. ऐसे में फैसला किया गया है कि हज यात्रा पर नहीं जाने के इच्छुक लोगों को उनके द्वारा जमा कराई गई रकम वापस की जाएगी. उन्होंने कहा कि लोगों को पैसे बिना किसी कटौती के वापस किए जाएंगे. Also Read - चीन की बढ़ेंगी मुश्किलें! कहां से निकला कोरोना वायरस? जांच के लिए अगले हफ्ते चाइना जाएगी डब्ल्यूएचओ की टीम

गौरतलब है कि सऊदी अरब में कोरोना वायरस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं तथा वहां की सरकार ने अब तक हज को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है. इस बीच कुछ देशों ने अपने लोगों को इस बार हज के लिए नहीं भेजने का फैसला कर लिया है. इनमें सबसे प्रमुख नाम इंडोनिशया का है जो दुनिया की सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश है. हज-2020 जुलाई के आखिर और अगस्त महीने की शुरुआत के बीच की अवधि में प्रस्तावित है.