बेंगलुरु: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों से संपर्क करने के मामले में सरकारी क्षेत्र की एयरोस्पेस कंपनी ने शनिवार को अपने कर्मचारियों के ‘राजनीतिकरण’ पर खेद जताया और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और संस्थान के लिहाज से अहितकर बताया. एचएएल का यह बयान उस घटनाक्रम के बाद आया है जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया था कि आधुनिक भारत के संस्थानों पर हमले हो रहे हैं और उन्हें तबाह किया जा रहा है. हालांकि इस बयान में गांधी के कंपनी के कर्मचारियों से मिलने का खास तौर पर जिक्र नहीं किया गया था. Also Read - राहुल गांधी की नाराजगी को भी कमलनाथ ने नहीं दी 'तवज्जो', 'आइटम' वाले बयान पर माफी मांगने से इनकार

कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि राजग सरकार ने उसके प्रमुख स्थान को मान्यता देते हुए 2014 से 2018 की अवधि के दौरान करीब 27,340 करोड़ रुपये के आपूर्ति ऑर्डर देकर एचएएल को पूर्ण सहयोग दिया है. अधिकारी ने कहा कि उत्पादन सुविधाएं बढ़ाने सहित अवसंरचना में सुधार और उन्नयन के लिए इस अवधि के दौरान 7,800 करोड़ रुपये तक का वित्तपोषण किया गया. अधिकारी ने कहा कि रक्षा एवं एयरोस्पेस उद्योग क्षेत्र में एचएएल को गौरव से देखा जाता है और उसने राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया में अत्याधिक योगदान दिया है. Also Read - कमलनाथ के 'आइटम' वाले बयान को राहुल गांधी ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, कहा- 'मुझे इस तरह की भाषा पसंद नहीं'

एचएएल के अधिकारी ने कहा कि कर्मचारियों के राजनीतिकरण का शनिवार को प्रयास अफसोसजनक कदम है और यह संस्थान, उसके कर्मचारियों एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के हित के लिए नुकसानदेह होगा. पूर्व एवं वर्तमान कर्मचारियों से बातचीत में गांधी ने एचएएल को एयरोस्पेस के क्षेत्र में एक ‘सामरिक संपत्ति’ बताते हुए मोदी सरकार पर इस सरकारी कंपनी को नष्ट करने का भी आरोप लगाया और उसके कर्मचारियों से कहा कि राफेल उनका अधिकार है. Also Read - जानें क्या है 10 हजार करोड़ का आयुष्मान सहकार फंड, जिसे केंद्र सरकार ने किया लॉन्च

गौरतलब है कि विपक्षी पार्टी सरकार पर इस सौदे से अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस लिमिटेड को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा रही है. कांग्रेस इस बारे में भी जवाब मांग रही है कि सरकारी कंपनी एचएएल को इस सौदे में शामिल क्यों नहीं किया गया, जैसा कि संप्रग सरकार के दौरान सौदे को अंतिम रूप दिए जाने के दौरान था. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एचएएल को अनुबंध नहीं देकर कर्नाटक के लोगों से रोजगार छीनने का आरोप लगाया है. साथ ही, राहुल यह कहते आ रहे हैं कि रिलायंस डिफेंस की जगह एचएएल को चुने जाने से राज्य में काफी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलता.