नई दिल्लीः दिग्गज भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुए हमले की शनिवार को निंदा की है और प्रधानमंत्री इमरान खान से क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है. ननकाना साहिब गुरु नानक देव की जन्मस्थली है, जो सिखों के पहले गुरु थे. शुक्रवार को पत्थरबाजों ने गुरुद्वारे पर हमला कर दिया. वे मोहम्मद हसन पर कथित पुलिस अत्याचारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. हसन पर आरोप है कि उसने एक सिख लड़की से शादी करने से पहले उसका जबरन धर्मांतरण कराया. Also Read - IPL 2021: चाहे Jasprit Bumrah हों या Ashwin या फिर Harbhajan, सबका बॉलिंग ऐक्शन जानते हैं श्रेयस गोपल, देखें- VIDEO

हरभजन ने हसन का एक वीडियो साझा किया, जिसमें पवित्र सिख धर्मस्थल को नष्ट करने और उसे मस्जिद में बदलने की बात कही गई है. भारतीय क्रिकेटर ने कहा, “नहीं जानता कि कुछ लोगों को क्या दिक्कत है, वे शांति से क्यों नहीं रह सकते हैं.. मोहम्मद हसन ने खुलेआम ननकाना साहिब गुरुद्वारे को नष्ट करने और उस जगह पर मस्जिद बनाने की धमकी दी.. यह देखकर बहुत दुख हुआ.” Also Read - कोलकाता-चेन्‍नई मैच से पहले सुरेश रैना ने छूए हरभजन सिंह के पैर, जीता फैन्‍स का दिल

उन्होंने आगे कहा, “ईश्वर एक है ..इसे नहीं बांटे और एक-दूसरे के बीच नफरत पैदा मत करें ..पहले इंसान बनें और एक-दूसरे का सम्मान करें .. मोहम्मद हसन ने खुलेआम ननकाना साहिब गुरुद्वारे को नष्ट करने और उस स्थान पर मस्जिद का निर्माण करने की धमकी दी. इमरान खान कृपया, जरूरतमंद की मदद करें.” Also Read - पाकिस्तान में हालात बिगड़े, 3 बजे तक के लिए बंद किए गए सभी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म

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एक बयान में, विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि अल्पसंख्यक सिख समुदाय के सदस्य ननकाना साहिब में हुई हिंसा का निशाना बने. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “यह निंदनीय कृत्य पिछले साल अगस्त में ननकाना साहिब शहर में अपने घर से अगवा की गई सिख लड़की जगजीत कौर के जबरन धर्म परिवर्तन के बाद हुआ है.”

बयान में कहा गया, “भारत पवित्र स्थल पर तोड़फोड़ के इन कृत्यों की कड़ी निंदा करता है.” भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार से भी सिख समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा, और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा, “उन उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिन्होंने पवित्र गुरुद्वारे में तोड़फोड़ की और अल्पसंख्यक सिख समुदाय के सदस्यों पर हमला किया.”