नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए गुजरात के फायरब्रांड पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने शनिवार को कहा कि अगर 2019 के आम चुनावों में मोदी की सत्ता में वापसी होती है तो इसका नतीजा देश में ‘राष्ट्रपति शासन’ होगा. उन्होंने मोदी सरकार के खिलाफ गैर-बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) को संगठित होकर लड़ने का आह्वान किया, “जो देश को बांटने की कोशिश में जुटी है.

उन्होंने बांग्ला समाचार चैनल एबीपी आनंदा से कहा, अगर नरेंद्र मोदी की अगले साल होनेवाले लोकसभा चुनावों में वापसी होती है तो देश में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा. इसलिए सभी गैर-बीजेपी दलों को संगठित होकर इस सरकार के खिलाफ लड़ना चाहिए, जो देश को बांटने में जुटी है.

पटेल ने प्रधानमंत्री की उनके द्वारा संसद में विपक्षी दलों पर की गई टिप्पणी को लेकर भी आलोचना की. उन्होंने कहा, मैं किसी ऐसे व्यक्ति को प्रधानमंत्री देखना चाहता हूं, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और सुरक्षा और देश की सुरक्षा के बारे में बात करे, नाकि जो संसद में 90 मिनट पर विपक्षी दलों की आलोचना करता रहे. मैं ऐसा प्रधानमंत्री नहीं चाहता.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उनकी ‘सादगी’ के लिए प्रशंसा करते हुए पटेल ने 2019 के आम चुनाव में उनके लिए बंगाल में चुनावी अभियान चलाने का वादा किया. पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के संयोजक ने शुक्रवार की शाम ममता बनर्जी से मुलाकात की कहा कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने का आश्वासन दिया गया था.

बनर्जी के साथ हुई अपनी बैठक का हवाला देते हुए पटेल ने कहा, मैंने ममता दी के साथ बैठक में काफी कुछ सीखा और बंगाल जैसे बड़े राज्य की मुख्यमंत्री होने के बावजूद उनकी सादगी से काफी कुछ सीखा है. उन्होंने मुझे कहा कि कैसे लोगों से बात करें और कैसे सबकी सुनें. बनर्जी को एक ‘शक्तिशाली महिला’ के रूप में वर्णित करते हुए पटेल ने कहा कि उन्होंने उन्हें उनके संघर्ष के दिनों के बारे में बताया.