अहमदाबाद: पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने गुरुवार को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के इस्तीफे का दावा करके विवाद पैदा कर दिया. हालांकि रूपाणी ने इसे असत्य और झूठी अफवाह बताकर खारिज कर दिया. रूपाणी ने कहा कि इस्तीफे का कोई सवाल नहीं उठता और वह पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे. राजकोट के दौरे के दौरान पटेल ने दावा किया कि रूपाणी ने उनकी पार्टी द्वारा कहे जाने के बाद बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इस्तीफा दे दिया.

पटेल (24) ने संवाददाताओं से कहा, ‘रूपाणी ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक के दौरान इस्तीफा दे दिया. मैं पूरे विश्वास के साथ यह कह रहा हूं. रूपाणी से इस्तीफे के लिए कहा गया था क्योंकि वह सही ढंग से शासन संभालने में नाकाम रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि दस दिन के अंदर कोई नया मुख्यमंत्री नियुक्त होगा. पार्टी (भाजपा) किसी पाटीदार या राजपूत को नए मुख्यमंत्री के रूप में चुनेगी.

इस तरह के दावों का पता चलने पर रूपाणी ने कहा, ‘हार्दिक मीडिया में पूरी तरह से झूठ फैला रहे हैं. मुझे आश्चर्य है कि क्या उन्हें इस प्रक्रिया की जानकारी है कि इस्तीफा राजभवन में राज्यपाल को दिया जाता है, कैबिनेट बैठक में नहीं. गांधीनगर में संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि इस्तीफे के बारे में वरिष्ठ नेतृत्व या सरकार या पार्टी में कोई चर्चा नहीं चल रही है.

इससे पहले गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल के भाजपा छोड़ने की अफवाह उड़ी थी. हालांकि सोशल मीडिया पर चल रही उन अफवाहों को उन्होंने खारिज किया था जिसमें यह कहा जा रहा था कि भाजपा द्वारा पद छोड़ने को कहने के बाद उन्होंने पार्टी ही छोड़ने का फैसला किया है. पटेल ने इन अफवाहों को ‘आधारहीन’ बताते हुए कहा था कि इसका लक्ष्य उनकी छवि खराब करना है. उप मुख्यमंत्री का यह स्पष्टीकरण कुछ रिपोर्ट और सोशल मीडिया पर चल रहे पोस्ट के बाद आया.

इन रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भाजपा प्रमुख अमित शाह ने उनसे उपमुख्यमंत्री का पद छोड़ने को कहा था. इसके आगे ऐसे अनुमान लगाए जा रहे थे कि पटेल इस्तीफे की मांग से बेहद दुखी थे और उन्होंने भाजपा छोड़ने का फैसला कर लिया.