प्रयागराज: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने घोषणा की है कि अगले साल आयोजित होने वाले हरिद्वार कुंभ का पहला ‘शाही स्नान’ ‘महा शिवरात्रि’ के अवसर पर 11 मार्च को होगा. शाही स्नान के अलावा, मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (11 फरवरी), बसंत पंचमी (16 फरवरी), माघ पूर्णिमा (27 फरवरी) और चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (13 अप्रैल) और रामनवमी (21 अप्रैल) साल के इन छह दिवसों पर भी स्नान करने के अनुष्ठान को निभाने की परंपरा है. Also Read - हरिद्वार की Shrishti Goswami बनीं Uttarakhand की 'एक दिन की मुख्यमंत्री', जानें क्या है पूरा मामला...

हाल ही में हरिद्वार में परिषद की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में भाग लेने आए गिरि ने कहा कि उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की और कुंभ मेले के लिए व्यवस्थाओं पर चर्चा की. Also Read - Kumbh Mela 2021: 83 वर्ष में पहली बार एक साल पहले आयोजित हो रहा कुंभ मेला, जानें कब से होगा शुरू, शुभ स्नान की तिथियां

महंत ने कहा, “दूसरे, तीसरे और चौथे शाही स्नान का आयोजन क्रमश: 12 अप्रैल (सोमवती अमावस्या), 14 अप्रैल (वैशाखी और मेष संक्रांति) और 27 अप्रैल (चैत्र पूर्णिमा) किया जाएगा.” Also Read - Bihar: सोनिया गांधी-मायावती को मिले भारत रत्न, नीतीश कुमार ने कसा तंज-पहले ही दिलवा देते...

परिषद के प्रमुख ने कहा, “सभी 13 अखाड़े पूरी भव्यता के साथ हरिद्वार कुंभ, 2021 में भाग लेंगे। शाही स्नान के दिनों में एक पेशवाई (जुलूस) भी निकाली जाएगी.”

महंत ने आगे कहा, “इस साल शाही स्नान में कुछ ही साधु-संत शामिल होंगे. मेला स्थल पर आवंटित की जाने वाली जमीन पर सभी अखाड़े अपना शिविर-छावनी व पंडाल लगाएंगे। संत भी कोविड-19 के मानकों का पालन करेंगे.”