नई दिल्ली: बड़े विरोध के बाद किसानों से जुड़े बिल लोकसभा (Loksabha) में पास हो गए हैं. इन विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर (Harsimrat Kaur) के विरोध में इस्तीफा दे दिया. किसानों से संबंधित कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा प्रदान करना) विधेयक, 2020, कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020 लेकर आई है. सभी विधेयक लोकसभा में पास हो गये हैं, लेकिन इन विधेयकों के पास होते-होते मोदी सरकार की कैबिनेट भी हिल गई. केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने विधेयकों का विरोध करते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया. Also Read - बंगाली अंदाज के धोती-कुर्ता में नजर आए PM मोदी, बाबुल सुप्रियो ने किया डिजाइन...

हरसिमरत कौर ने इस्तीफा देते हुए कहा कि मेरे राज्य के किसान सड़कों पर हैं. किसान डरे हैं. दो महीने से किसान सड़कों पर हैं. दो महीने काफी होते हैं, ये समझाने को कि किसानों को नुकसान नहीं होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसी वजह से मैं इस बिल के विरोध में केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे रही हूँ. ये बिल किसानों के खिलाफ है. Also Read - मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के विस्तार को मंजूरी, मोदी सरकार के फैसले से जम्मू-कश्मीर के सेब उत्पादकों की बढ़ेगी कमाई

हरसिमरत ने कहा- प्रधानमंत्री (Narendra Modi) को लिखे अपने चार पृष्ठों के पत्र में कहा कि उनके लगातार तर्क करने और उनकी पार्टी की बार-बार की कोशिशों के बावजूद केंद्र सरकार ने इन विधेयकों पर किसानों का विश्वास हासिल नहीं किया. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का हर सदस्य किसान है. कौर ने कहा कि शिअद ऐसा कर किसानों के हितों की पैरोकार होने की अपनी वर्षों पुरानी परंपरा को बस जारी रख रही हैं. Also Read - कोरोना से लड़ने में PM मोदी की अपील को मंत्र बनाएं देश के लोग: अमित शाह

अपने पत्र में हरसिमरत ने लिखा कि किसानों से जुड़े बिलों को पारित करने से पहले हमसे न सलाह ली गई और न ही पूछा गया, और विधेयक बना लिए गए. किसान विरोध कर रहे हैं. मैं किसानों के साथ हूँ, ऐसे में केंद्रीय मंत्री के रूप में पद पर बने रहने में असमर्थ हूँ.