चंडीगढ़ः जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने आगामी हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को अपने 35 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी. सूची के अनुसार, पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे और एक बार फिर भाजपा की मौजूदा विधायक प्रेम लता से भिड़ेंगे. दुष्यंत की मां और डबवाली से विधायक नैना चौटाला इस बार चरखी दादरी जिले में भद्रा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी, जहां उनका मुकाबला भाजपा के मौजूदा विधायक सुखविंदर श्योराण और कांग्रेस के रणबीर महेंद्र से होगा. अगर नैना चौटाला डबवाली से चुनाव लड़ रही होतीं तो उनका मुकाबला पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल के पौत्र आदित्य देवीलाल से होता.

भाजपा ने उन्हें अपने उम्मीदवार के तौर पर यहां से उतारा है और ऐसा प्रतीत होता है कि मतों के बंटने से बचने के लिये जजपा ने अपने उम्मीदवार को कहीं और से उतारने का फैसला किया. नैना के नाम की घोषणा जजपा द्वारा बृहस्पतिवार शाम को जारी उसकी पांचवी सूची में किया गया. इससे पहले पार्टी ने दिन में 30 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी. हिसार से पूर्व सांसद दुष्यंत के सामने भाजपा की प्रेम लता होंगी, जिन्होंने 2014 के राज्य विधानसभा चुनाव में उन्हें 7,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था.

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हरियाणा में विधानसभा चुनाव 21 अक्टूबर को होंगे. नामांकन दायर करने की अंतिम तारीख चार अक्टूबर है. चुनाव के नतीजे 24 अक्टूबर को घोषित होंगे. जींद जिले में उचाना कलां पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह का गढ़ रहा है, जो पहले पांच बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. भाजपा ने सिंह की पत्नी एवं मौजूदा विधायक प्रेम लता को एक बार फिर विधानसभा चुनाव में इस सीट से उम्मीदवार बनाया है.

लता ने 2014 के विधानसभा चुनाव में दुष्यंत को हराया था जो उस वक्त हिसार से इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) के तत्कालीन सांसद थे, इसके बावजूद उन्होंने विधानसभा चुनाव में लता के खिलाफ चुनाव लड़ा था. इस साल हिसार से लोकसभा चुनाव में भी दुष्यंत को नौकरशाह से नेता बने बृजेंद्र सिंह के हाथों हार का स्वाद चखना पड़ा. बृजेंद्र प्रेमलता एवं बीरेंद्र सिंह के पुत्र हैं, बीरेंद्र सिंह वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं. बीरेंद्र सिंह और चौटाला परिवार के बीच इस कदर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है कि दुष्यंत के दादा और पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला 2009 में उचाना कलां सीट से चुनाव लड़े थे, जब परिसीमन के बाद जींद में नरवाना सीट आरक्षित हो गई थी.

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इनेलो के अध्यक्ष ओ पी चौटाला ने 2009 में उचाना कलां से बीरेंद्र सिंह को 621 मतों के मामूली अंतर से हराया था. दुष्यंत और बीरेंद्र सिंह दोनों ही राज्य के प्रमुख जाट परिवारों से आते हैं और जींद जिले को हरियाणा का राजनीतिक केंद्र माना जाता है. तीस उम्मीदवारों की सूची में, जजपा ने बीएसएफ के पूर्व जवान तेज बहादुर यादव को भी शामिल किया है, जिन्हें पार्टी ने करनाल से अपना उम्मीदवार बनाया, जो मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ मैदान में होंगे.

यादव को 2017 में बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने सैनिकों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की शिकायत करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था. बृहस्पतिवार को जजपा द्वारा घोषित किए गए अन्य उम्मीदवारों में पूर्व विधायक अर्जुन सिंह का नाम शामिल हैं, जिन्हें जगाधरी से मैदान में उतारा गया है. मंगलवार को पार्टी ने 20 उम्मीदवारों के नाम की अपनी तीसरी सूची जारी की थी. अब तक, पार्टी ने 77 उम्मीदवारों की घोषणा की है.