सतलुज-यमुना लिंक नहर मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद पंजाब कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष और लोकसभा सांसद कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत 42 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद सियासी महकमे में उठा पटक शुरू हो गयी है। इसी विवाद के चलते चलते हरियाणा रोडवेज ने जींद से पंजाब जाने वाली सभी रूटों की बसें बंद कर दी हैं। बताया जा रहा है हरियाणा राज्य परिवहन ने सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उठाया है।
अमरिंदर सिंह ने वर्तमान सरकार पर पंजाब के हित में काम न करने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने की बात कही गई है। वहीं राजनीति के जानकारों का मानना है कि एक साथ कांग्रेस के इतने विधायकों के इस्तीफा देने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लग सकता है।
गौरतलब है कि में सुप्रीम कोर्ट ने सतलुज यमुना लिंक नहर पर निर्माण कार्य को जारी रखने का आदेश दिया है। साथ ही 2004 के पंजाब टर्मिनेशन ऑफ एग्रीमेंट एक्ट को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया। इस एक्ट के तहत पंजाब का पड़ोसी राज्यों के साथ जल बंटवारा संबंधी समझौता खत्म कर दिया गया था। इस मामले पर कोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि दूसरे राज्यों से जुड़े इस तरह के समझौतों को यूं एकतरफा तरीके से खत्म नहीं किया जा सकता। इसी मामले पर अमरिंदर सिंह और 42 अन्य कांग्रेस के विधायकों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पंजाब उदास, हरियाणा की बल्ले-बल्ले
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कोर्ट के फैसले के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री ने आपातकाल बैठक बुलाई और कहा कि पंजाब के खिलाफ कोई भी फैसला उन्हें स्वीकार नहीं है और वे दूसरे राज्यों को एक भी बूंद पानी नहीं देंगे। वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के मुख्य मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि फैसला देर से ही सही पक्ष में आया।
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