नई दिल्लीः आज के दौर में लोग पशुओं को पालन कम पसंद करते हैं और शायद इसी वजह से शहरी क्षेत्रों में न के बराबर पशुपालक पाए जाते हैं. शहरों में कुछ ही घर ऐसे मिलेंगे जहां पशुओं का पाला जाता हो. हरियाणा भारत का आज भी एक ऐसा राज्य है जहां लोग पशुपालन करना काफी पसंद करते हैं.

हरियाणा में लोग ज्यादातर दुधारू पशु रखते हैं और इसी की वजह से यहां कहा जाता है कि जिसके घर में काली, उसकी रोज दिवाली. इसका मतलब यह है कि जिस घर मे भैंस पाली जाती है वहां खाने पीने की कोई कमी नहीं होती. एक ऐसे ही मेहनतकश पशुपालक सुखबीर की भैंस सरस्वती ने पाकिस्तान की भैंस का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ पूरे भारत का नाम रोशन किया है.

हाल में सुखबीर अपनी भैंस सरस्वती को लेकर पंजाब के लुधियाना के गांव जगरांव में हुए डेयरी एंड एग्री एक्सपो भाग लेने गए थे. वहां पीडीएफए प्रतियोगिता में पाकिस्तान की भैंस का दूध देने के मामले में वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा है. बता दें कि सरस्वती अभी 7 साल की है. जब से लोगों को यह पता चला है कि सरस्वती ने पाकिस्तान को हराया है तब से लोग उसे देखने के लिए लाइन लगा रहे हैं. पीडीएफए यानी प्रोग्रेसिव डेरी फार्मर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में दूध देने की प्रतियोगिता में सरस्वती ने 32 किलो 66 ग्राम दूध देकर चैंपियन बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है.

सुखबीर ने जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले भी उनकी एक चार दांत वाली भैंस ने पाकिस्तान का रिकॉर्ड तोड़ा था. आपको बता दें कि सुखबीर ने अपने घरों में कई सारे पशुओं को पाल रखा है और उन्होंने सभी का नाम नदियों के नाम पर रखा है. सुखबीर की कामयाबी वो खुद नहीं बताते, बल्कि उनके घर में पशु बांधने वाले कमरे पर लगे अवॉर्ड और सर्टिफिकेट की फोटो बता देती हैं. देश के अलग अलग हिस्से में सुखबीर पशु पालन की प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं और लाखों के इनाम भी जीत चुके हैं.

सुखबीर ने इस बात का भी खुलासा किया कि वैज्ञानिक इन दिनों सरस्वती के माध्यम से क्लोन तैयार करने की भी तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि अब सरस्वती का ही कटड़ा है, जिसका नाम नवाब है. नवाब से वो हर साल लाखों रुपये कीमत के सीमन तैयार करके बेचते हैं. भैंस सरस्वती की कीमत 51 लाख लग चुकी है, लेकिन वो कहते है कि भले ही उन्हें कोई एक करोड़ पर भी दे दे तो भी वो सरस्वती को बेचना नहीं चाहते.