चंडीगढ़. डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ बलात्कार का फैसला सुनाए जाने के बाद जो हिंसा हुई उसे देख लोगों की रूह कांप गई. इस हिंसा में 30 लोगों की मौत हो गई और तकरीबन सुरक्षा कर्मियों सहित 200 लोग घायल हुए हैं. हिंसा के बाद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. उसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हिंसा की है, किसी भी तरह की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है उनकी पहचान कर ली गई है. ऐसे लोगों को नही बक्शा जाएगा.

सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि जिन्होंने गोलियां चलाई उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है. जिन्होंने वाहनों को जला दिया, मीडिया ओबी वैन आग लगा दी ऐसे उपद्रवियों के सरकार खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने पूरी व्यवस्था की थी लेकिन भीड़ बहुत बड़ी थी. लेकिन कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और किसी के भी कानून को अपने हाथों में लेने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बता दें कि राम रहीम को दुष्कर्म का दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला घंटे भर में युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया. इसमें पत्रकारों व सुरक्षा कर्मियों को निशाना बनाया गया. कुछ पत्रकार अपनी जान बचाकर भागे और पास के घरों में शरण ली. सुरक्षा कर्मियों व मीडिया के लोगों सहित करीब 200 से ज्यादा लोग हिंसा में घायल हुए हैं. कुछ लोगों के शरीर से खून बह रहा था व कुछ गोलियों से जख्मी सड़क पर पड़े थे. गौरलतब हो कि राम रहीम पर वर्ष 2002 में दो साध्वियों से दुष्कर्म करने का आरोप है. इस मामले की अदालत में सुनवाई 2008 में शुरू हुई थी.