चंडीगढ़: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में नशीला पदार्थ खिलाकर 19 साल एक लड़की से सामूहिक बलात्कार करने के आरोपी तीन लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. यह बात पुलिस ने शुक्रवार को कही. दो दिन पहले कनीना बस अड्डे से लड़की का उस समय अपहरण कर लिया गया था, जब वह कोचिंग सेंटर से घर लौट रही थी. सरकार से पुरस्कार प्राप्त स्कूल टॉपर पीड़िता के पिता ने कहा कि हो सकता है उनकी बेटी से आठ-दस लोगों ने बलात्कार किया हो. पीड़िता की मां ने कोई कार्रवाई न होने पर पुलिस पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी बेटी घटना के चलते सदमे में है और आरोपी घटना के बाद खुलेआम घूम रहे हैं. 20-25 साल की उम्र के आरोपी युवक पीड़िता के ही गांव के रहने वाले हैं.

लड़की के पिता ने शुक्रवार को रेवाड़ी में कहा, ”उसने (पीड़िता) तीन लोगों का नाम लिया है, लेकिन जिस समय भयावह घटना हुई, उसे ऐसा लगा कि वहां आठ-दस लोग रहे होंगे. ” उन्होंने उल्लेख किया कि आरोपियों ने उसे नशीला पदार्थ खिला दिया था. घटना पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है. उन्होंने कहा कि बेटियों की रक्षा में विफल रहने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए. हुड्डा ने कहा कि राज्य में जब कांग्रेस की सरकार थी तो अपराधी हरियाणा छोड़कर भाग गए थे, लेकिन बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से अपराध का ग्राफ अत्यंत बढ़ गया है.

वहीं, मुख्यमंत्री खट्टर ने रोहतक में मीडियाकर्मियों से कहा कि कानून अपना काम करेगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को दंड मिलेगा. महेंद्रगढ़ के एसपी विनोद कुमार ने कहा, ” हम छापेमारी कर रहे हैं और उम्मीद है कि गिरफ्तारियां जल्द होंगी. ” उन्होंने कहा कि रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों तथा आसपास के इलाकों में छापेमारी की जा रही है. यह पूछे जाने पर कि घटना में आठ-दस लोग शामिल हो सकते हैं, उन्होंने कहा, पीड़िता ने पुलिस को बयान दिया है, जिसमें उसने तीन आरोपियों का नाम लिया है.

पीड़िता की मां ने रेवाड़ी जिले में अपने गांव में मीडियाकर्मियों से कहा, ”सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात करती है, लेकिन हमारी लड़कियों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए क्या यह कीमत चुकानी पड़ेगी? आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ने में नाकाम रही है.” उन्होंने अपनी बेटी के साथ हुई घटना का ब्योरा देते हुए कहा कि उनकी बेटी का बुधवार को दोपहर बाद उस समय अपहरण कर लिया, जब वह कोचिंग के लिए गई थी. अपहरण के बाद एक ट्यूबवेल के पास एक सुनसान जगह पर उससे बलात्कार किया गया.

पीड़िता की मां ने कहा, ” पुलिस कोई भी कार्रवाई करने में विफल रही है. हमें शिकायत दर्ज कराने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा. प्राथमिकी रात एक बजे दर्ज की गई क्योंकि पुलिस रेवाड़ी और कनीना के चक्कर में अधिकार क्षेत्र को लेकर उलझी रही.” उन्होंने कहा, हम सब न्याय चाहते हैं.”

महेंद्रगढ़ एसपी विनोद कुमार ने कहा, ”रेवाड़ी पुलिस द्वारा गुरुवार को हमें स्थानांतरित की गई जीरो प्राथमिकी में तीन लोगों के नाम लिखाए गए. कनीना थाने के प्रभारी निरीक्षक अनिरुद्ध ने बताया कि 20-25 साल की उम्र के आरोपी युवक पीड़िता के ही गांव के रहने वाले हैं. प्राथमिकी के मुताबिक, बुधवार को युवती कोचिंग क्लास लेने गई थी जहां दोपहर बाद उसका उस समय अपहरण कर लिया गया जब वह कनीना में बस अड्डे पर बस का इंतजार कर रही थी. पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि कार में पहुंचे आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया और उसे सुनसान स्थान पर ले गए. वहां उन्होंने उसे नशीला पदार्थ मिली कोल्ड ड्रिंक पिलाई और सामूहिक बलात्कार किया. आरोपी बाद में उसे कनीना में बस अड्डे के पास छोड़ गए. इस बीच, पेट दर्द की शिकायत के बाद पीड़िता को रेवाड़ी में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

रेवाड़ी सिविल अस्पताल के एक डॉक्टर ने कहा, ” मरीज को पेट दर्द की शिकायत के चलते अस्पताल लाया गया और हमने उसे भर्ती कर लिया. उसका अल्ट्रासाउंड और एक्सरे किया गया जो सामान्य हैं. उन्होंने कहा, ” उसकी नब्ज सामान्य है. हालांकि वह तनाव में दिखती है. हम मनोचिकित्सा संबंधी राय भी लेंगे. उसे निरीक्षण के लिए रातभर अस्पताल में रखा जाएगा.’’
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन ने पीड़िता के घर का दौरा किया और अस्पताल में उससे मुलाकात की. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर पर लिखा, ” हरियाणा की एक और बेटी से सामूहिक बलात्कार. एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक खट्टर सरकार शासित राज्य में बर्बर सामूहिक बलात्कार की घटनाएं सर्वाधिक हैं.” उन्होंने कहा कि भाजपा से अपनी बेटी बचाओ का नारा अब भाजपा शासित हरियाणा में ही सही साबित हो रहा है.
रेवाड़ी के महिला पुलिस थाने से संबद्ध एक अधिकारी ने बताया कि युवती की शिकायत पर ‘जीरो प्राथमिकी’ दर्ज की गई. घटना की जांच महेंद्रगढ़ पुलिस कर रही है क्योंकि घटना उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाके में हुई. जीरो प्राथमिकी किसी भी थाने में दर्ज कराई जा सकती है और बाद में उसे संबंधित थाने में स्थानांतरित कर दिया जाता है. रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने शुक्रवार को कहा, ” हमने तत्काल उसका (पीड़िता) मेडिकल परीक्षण कराया. हमने मेडिकल रिपोर्ट कनीना पुलिस को भेज दी है क्योंकि मामले को वही देख रही है.”