करनाल: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार चीन की किसी भी कंपनी के साथ कोई नया कारोबारी समझौता नहीं करने जा रही है. साथ ही, राज्य सरकार ने 750 करोड़ रुपये मूल्य की दो बिजली परियोजनाओं के लिये निविदाएं हाल ही में रद्द कर दी है क्योंकि इनमें चीनी कंपनियों ने सबसे कम बोली लगाई थी.Also Read - Haryana News: कोविड-19 से जान गंवाने वाले गरीब परिवारों को दो लाख रुपए देगी हरियाणा सरकार, सीएम खट्टर ने सदन में बताया

भारत-चीन सीमा पर तनाव की वजह से बढ़ रही चीन विरोध भावनाओं पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर खट्टर ने कहा, ‘‘ जहां तक हरियाणा की बात है, तो सरकार चीनी कंपनियों के साथ किसी कारोबारी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं कर रही है.’’ खट्टर ने कहा कि राज्य सरकार भारतीय कंपनियों को प्राथमिकता देगी. Also Read - हरियाणा में 37 पैसे प्रति यूनिट सस्ती हुई बिजली, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की घोषणा

अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता दरबार आयोजित करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में बिजली विभाग की दो निविदाओं को रद्द कर दिया है जो 750 करोड़ रुपये मूल्य की थी और ये चीनी कंपनियों को मिल सकती थी. Also Read - Mera Pani, Meri Virasat Yojana: इस राज्य के किसानों के खाते में पहुंचेंगे 7,000 रुपये, 31 जुलाई तक करा लें रजिस्ट्रेशन

बता दें कि लद्दाख बॉर्डर पर कई बार चीनी सैनिक भारत के सैनिकों के साथ झड़प कर चुके हैं. 15 जून की रात भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हुई झड़प में देश के 20 सैनिक शहिद हो गए थे. इसी घटना के बाद से पूरे देश में चीन का विरोध देखा जा रहा है. भारत सरकार ने भी चीन के कई प्रोजेक्ट को बंद कर दिया है. जनता में भी चीन और चीनी कंपनियों के प्रति काफी रोस व्यक्त है.