करनाल: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार चीन की किसी भी कंपनी के साथ कोई नया कारोबारी समझौता नहीं करने जा रही है. साथ ही, राज्य सरकार ने 750 करोड़ रुपये मूल्य की दो बिजली परियोजनाओं के लिये निविदाएं हाल ही में रद्द कर दी है क्योंकि इनमें चीनी कंपनियों ने सबसे कम बोली लगाई थी. Also Read - भारत से दस गुना अधिक है चीन की ताकत, वह देश के लिए पाकिस्तान से बड़ा खतरा है: शरद पवार

भारत-चीन सीमा पर तनाव की वजह से बढ़ रही चीन विरोध भावनाओं पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर खट्टर ने कहा, ‘‘ जहां तक हरियाणा की बात है, तो सरकार चीनी कंपनियों के साथ किसी कारोबारी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं कर रही है.’’ खट्टर ने कहा कि राज्य सरकार भारतीय कंपनियों को प्राथमिकता देगी. Also Read - CBSE के नक्शे कदम पर चला हरियाणा सरकार, 9वीं से 12वीं तक के सिलेबस में करेगा कटौती

अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता दरबार आयोजित करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में बिजली विभाग की दो निविदाओं को रद्द कर दिया है जो 750 करोड़ रुपये मूल्य की थी और ये चीनी कंपनियों को मिल सकती थी. Also Read - PM Narendra Modi reaches Leh: भारत-चीन विवाद के बीच अचानक लेह पहुंचे पीएम मोदी, CDS बिपिन रावत भी साथ में मौजूद

बता दें कि लद्दाख बॉर्डर पर कई बार चीनी सैनिक भारत के सैनिकों के साथ झड़प कर चुके हैं. 15 जून की रात भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हुई झड़प में देश के 20 सैनिक शहिद हो गए थे. इसी घटना के बाद से पूरे देश में चीन का विरोध देखा जा रहा है. भारत सरकार ने भी चीन के कई प्रोजेक्ट को बंद कर दिया है. जनता में भी चीन और चीनी कंपनियों के प्रति काफी रोस व्यक्त है.