Reservation in Private Jobs in Haryana: कोरोना संकट के बीच उत्तर प्रदेश और बिहार सहित देश के अन्य इलाकों के उन लोगों के लिए एक बुरी खबर है जो काम की तलाश में अपने राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं. दरअसल, औद्योगिक रूप से विकसित राज्य हरियाणा की सरकार ने एक ऐसे अध्यादेश को लाने को मंजूरी दी है जिसमें वहां की 75 फीसदी निजी नौकरियों को स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित करने की बात कही गई है. इस बारे में राज्य की मनोहरलाल खट्टर सरकार ने अध्यादेश का मसौदा तैयार करने को मंजूरी दे दी है.Also Read - Haryana News: हरियाणा के गुरुग्राम में Bird Flu से बच्चे की मौत, दहशत में स्थानीय लोग

दरअसल, राज्य के उपमुख्यमंत्री दुश्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में राज्य की 75 फीसदी निजी नौकरियां राज्य के लोगों के लिए आरक्षित करने का वादा किया था. इस समय दुश्यंत चौटाला की पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन सरकार में है. Also Read - Haryana/Gurugram Me School Kab Khulengen: हरियाणा में इस तारीख से खुलेंगे स्कूल, बच्चों में दौड़ी खुशी की लहर

मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस अध्यादेश के मसौदे को तैयार करने को मंजूरी दे दी गई. राज्य मंत्रिमंडल की अगली बैठक में इस अध्यादेश के मसौदे को पेश किया जाएगा. Also Read - हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने संसद भवन में गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात, जानें किन-किन मुद्दों पर हुई बात

भाजपा के साथ प्रदेश में गठबंधन सहयोगी दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी ने चुनावों में मुख्य रूप से निजी क्षेत्र की नौकरियों में प्रदेश के युवाओं को 75 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का वादा किया था.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवार रोजगार अध्यादेश, 2020’ का मसौदा तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे स्थानीय युवाओं की बेरोजगारी की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर खत्म किया जा सके.

इसमें कहा गया, “अगली बैठक में मंत्रिपरिषद के समक्ष पेश किये जाने वाला मसौदा अध्यादेश के तहत विभिन्न निजी प्रबंधन वाली कंपनियों, समितियों, न्यासों, सीमित देयता साझेदारी फर्मों, साझेदारी फर्मों आदि में 50 हजार रुपये प्रति महीने से कम वेतन वाली 75 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय युवाओं को दी जाएंगी.”