Haryana News Update: हरियाणा में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से अनाथ हुए बच्चों की देखभाल के लिए सरकार ने आज शनिवार को एक अहम योजना का ऐलान किया. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (CM Manohar Lal Khattar) ने कहा ने कहा कि कोविड-19 महामारी में जिन बच्चों के माता-पिता या उनकी देखभाल करने वालों का निधन हुआ है, उनके लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (Mukhyamantri Bal Seva Yojana) शुरू की जा रही है.Also Read - Gujarat News: गुजरात सरकार का अहम फैसला, अब 19 की जगह 21 वर्ष तक की आयु के बच्चे उठा सकेंगे MBSY का लाभ

इस योजना के जरिए बाल देखभाल संस्थानों के जरिए बच्चों का पालन पोषण सुनिश्चित कराया जाएगा. योजना के जरिए अनाथ बच्चों की देखभाल उनके परिवार के सदस्य भी कर सकते हैं. सरकार इसके लिए प्रति बच्चा 2,500 रुपए प्रतिमाह की मदद देगी. इस योजना का लाभ 18 वर्ष की उम्र तक दिया जाएगा. योजना में अनाथ बच्चों के शिक्षा खर्च पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. इसके मुताबिक ऐसे बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक शिक्षा के लिए प्रति वर्ष 12 हजार रुपए की राशि दी जाएगी. Also Read - Haryana Extended Lockdown: सरकारी और निजी स्कूलों को 30 जून तक बंद रखने का आदेश, छात्रों की एंट्री पूरी तरह बैन

योजना के मुताबिक अगर ‘बाल देखभाल संस्थान’ बच्चों की जिम्मेदारी उठाते हैं तो उन्हें प्रति बच्चा 1,500 रुपए प्रति महीने की मदद दी जाएगी. इसके अलावा बच्चों के खातों में एक राशि जमा की जाएगी और जो उनके 21 वर्ष की आयु पर उन्हें दी जाएगी. योजना में किशोर अवस्था में अनाथ हुई लड़कियों के लिए भी अहम घोषणाएं की गईं.

इसके मुताबिक ऐसी लड़कियों की कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. सभी को आवास की सुविधा मिलेगी. सरकार ने ऐसी लड़कियों के विवाह का जिम्मा भी उठाया है. योजना के मुताबिक अनाथ लड़कियों के खाते में 51 हजार रुपए जमा किए जाएंगे. भविष्य में ब्याज के साथ ये राशि उनके विवाह के समय दे दी जाएगी. इसके साथ ही सरकार अनाथ बच्चों (8वीं से 12वीं तक) को पढ़ाई के लिए टैबलॉयड भी देगी.