चंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की एक परीक्षा में अप शकुन को लेकर पूछे गए एक सवाल पर विवाद छिड़ गया है. यह परीक्षा जूनियर इंजीनियर के चयन के लिए आयोजित की गई थी. विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि वह इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराएगी. 10 अप्रैल को आयोजित हुई परीक्षा में एक सवाल अपशकुन के संबंध में पूछा गया था. सवाल था, ‘इनमें से हरियाणा में किसे अपशकुन नहीं माना जाता है? Also Read - Bharat Bandh: कृषि विधेयक के खिलाफ सड़कों पर उतरे पंजाब और हरियाणा के किसान, सुखबीर बादल और हरसिमरत ने निकाला ट्रेक्टर मार्च

(1) खाली घड़ा (2) शवयात्रा (3) काला ब्राह्मण (4) ब्राह्मण लड़की. Also Read - कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों का 'भारत बंद' आज, पंजाब-हरियाणा सहित इन राज्यों पर पड़ेगा असर

ब्राह्मण समुदाय ने किया विरोध प्रदर्शन Also Read - Video: केंद्र के अध्यादेशों के विरोध में किसानों ने एनएच-44 को ब्‍लॉक किया, पथराव पर पुलिस का लाठीचार्ज

इस मुद्दे को लेकर ब्राह्मण समुदाय ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया है और एचएसएससी अध्यक्ष भारत भूषण भारती का पुतला भी जलाया. बाद में एचएसएससी ने इस मुद्दे पर खेद प्रकट करते हुए प्रश्न को वापस ले लिया. हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि इस संबंध में जांच करायी जाएगी कि किसने प्रश्न तय किए थे और इस प्रश्न को कैसे पारित कर दिया गया. भाजपा के राज्य सभा के सांसद डीपी वत्स ने कहा कि उन लोगों को सख्त सजा दी जाएगी जो इसके जिम्मेदार हैं.

विपक्ष ने बोला सरकार पर हमला

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हम जल्द ही इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं. यह छोटी गलती नहीं है, यह कुछ ऐसा है जिसे माफ नहीं किया जा सकता है. उन्होंने सिर्फ ब्राह्मण समुदाय का अपमान नहीं किया बल्कि वह अंधविश्वास को भी बढ़ावा दे रहे हैं. कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा ने कहा कि यह स्तब्ध कर देने वाला है कि इंजीनियरों का चयन अंधविश्वास के स्तर पर हो रहा है न कि कुशलता के आधार पर .

नौकरी के बदले कथित नकदी घोटाला का हवाला देते हुए हुड्डा ने भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में योग्यता और पारदर्शिता का दावा झूठा है. अगर कांग्रेस विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सत्ता में आती है तो हम हाई कोर्ट के मौजूदा जज द्वारा इस सरकार द्वारा आयोजित कराई गई विभिन्न लिखित परीक्षाओं की जांच कराएंगे.