भिवानी: हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने निजी बसों के परमिट के मुद्दे पर परिवहन मंत्री के साथ वार्ता विफल होने के बाद  हड़ताल को अगले चार दिन के लिए और बढ़ा दिया है. हड़ताल के चलते आम लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल रोडवेज विभाग को बचाने के लिए है.

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हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के प्रदेश महासचिव सरबत सिंह पूनिया ने इस बाबत जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के साथ हुई बातचीत में रोडवेज कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल यूनियन नेताओं को सरकार ने दो सौ बसों का ठेका दिए जाने का प्रस्ताव दिया, जो किसी भी सूरत में जायज बात नहीं है. उनका कहना है कि ऐसे में हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के पास अपनी हड़ताल जारी रखने के सिवाय कोई चारा नहीं है. उनका कहना है कि रोडवेज वर्कर्स अपने किसी लालच की वजह से हड़ताल पर नहीं हैं ये बात सरकार को समझनी होगी.

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रोडवेज विभाग को बचाने के लिए हड़ताल !
प्रदेश महासचिव सरबत सिंह पूनिया ने कहा कि सरकार के सामने कर्मचारी न तो किसी वेतन भत्ते की मांग कर रहे हैं और न ही वे अपने किसी लालच की वजह से हड़ताल पर हैं. हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी केवल रोडवेज विभाग को बचाने के लिए हड़ताल पर हैं. सरकार के सामने कर्मचारियों की मांग केवल एक ही है कि 720 निजी बसों के परमिट का फैसला सरकार वापस ले और हरियाणा रोडवेज के बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाए, ताकि हरियाणा की जनता को बेहतर और सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध हो. (इनपुट एजेंसी)