चंडीगढ़: हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी राज्य में 700 निजी बसें लाने के सरकार के फैसले के खिलाफ मंगलवार को दो दिन की हड़ताल पर चले गए. आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू होने के बावजूद रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर चले गए. उन्होंने रोहतक, भिवानी, सिरसा और चंडीगढ़ सहित राज्य के विभिन्न डिपो में धरना दिया.

किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अनेक बस अड्डों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए और कई डिपो में पुलिस सुरक्षा में बसें
चलीं.

आंदोलनकारी कर्मचारियों ने कहा कि वे सरकार को राज्य में 700 निजी बसें नहीं लाने देंगे, क्योंकि इससे परिवहन विभाग का
निजीकरण होगा. कर्मचारियों की यूनियन के एक नेता ने मंगलवार को कहा, ”हम चाहते हैं कि हरियाणा सरकार राज्य में निजी बसें लाने का अपना फैसला वापस ले.”

यूनियन के नेता ने कहा कि इसकी जगह सरकार को रोडवेज बसों की संख्या बढ़ानी चाहिए. हरियाणा रोडवेज में लगभग 19 हजार कर्मचारी हैं. इसके पास 41 हजार बसों का बेड़ा है, जिनमें लगभग 12 लाख यात्री रोजाना यात्रा करते हैं.