चंडीगढ़: सीआईडी पर नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) और गृह मंत्री अनिल विज (Anil Vij) के बीच चल रही तनातनी ने अब एक अप्रत्याशित मोड़ ले लिया है. देर रात आए हरियाणा सरकार के एक बयान में बताया गया कि विज का अब नियंत्रण आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) पर नहीं रहेगा. बयान में कहा गया है, ‘‘ मुख्यमंत्री की सलाह पर हरियाणा के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री और दो मंत्रियों को नए पदभार आवंटित किए हैं. मुख्य सचिव की ओर से जारी अधिसूचना में अपराध जांच विभाग और कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग तथा राज भवन से जुड़े मामले मुख्यमंत्री मनोहर लाल को उनके मौजूदा प्रभारों के अलावा आवंटित किए जाते हैं.’’ Also Read - Disha Ravi को लेकर अनिल विज के ट्वीट को हटाने से Twitter ने किया इनकार


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विज ने दिन में कहा था कि उनके और मुख्यमंत्री के बीच कोई मतभेद नहीं है क्योंकि मुख्यमंत्री उनके ‘बेस्ट फ्रेंड (सबसे करीबी मित्र)’ हैं. विज ने पहले इस बात पर नाखुशी जाहिर की थी कि सीआईडी उन्हें विभिन्न विषयों पर जानकारी नहीं देती है. संतुष्ट प्रतीत हो रहे विज ने कहा, ‘‘आज पहली बार एसपी रैंक के अधिकारी ने मुझे जानकारी दी. अब वह रोजाना मुझे जानकारी देंगे.’’

विज की यह टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा यह कहे जाने के बाद आई थी कि खट्टर और विज के बीच सीआईडी के नियंत्रण को लेकर कोई मतभेद नहीं है. भाजपा के महासचिव अनिल जैन ने  कहा, ‘‘ यह मुद्दा सुलझ गया. मुख्यमंत्री सरकार के प्रमुख हैं और वह जो विभाग चाहें, अपने पास रख सकते हैं.’’