नई दिल्‍ली: हरियाणा में बीजेपी को समर्थन देने के लिए सामने आ रहे कुछ विधायकों ने पार्टी से अपने- अपने रिश्‍तों के बारे में बताया है. हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 में अपने दम पर निर्दलीय उम्‍मीदवार के तौर पर जीतने वाले रणधीर गोलन ने कहा, मैं 30 सालों से बीजेपी कार्यकर्ता रहा हूं. मैं बीजेपी में रहा हूं, कहां गया था? भाजपा मेरी मां है.

कुछ इसी तरह से हरियाणा लोकहित पार्टी के गोपाल कांडा ने भी बीजेपी से अपने पीढि़यों के रिश्‍ते बताए हैं. उन्‍होंने कहा कि बीजेपी को मेरा बिना शर्त समर्थन है. मेरे पिता आरएसएस से 1926 से जुड़े हुए थे और आजादी के बाद सबसे पहले आम चुनाव में जनसंघ के टिकट पर चुनाव में खड़े हुए थे.

हरियाणा विधानसभा चुनाव में खंडित जनादेश आया है, जहां कुल 90 सीटों में से 31 पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है और 40 सीट भाजपा की झोली में आईं हैं. सरकार बनाने के लिए 46 विधायकों की जरूरत है.

पांच निर्दलीय विधायकों ने भाजपा को समर्थन की पेशकश की
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और भाजपा की हरियाणा इकाई के प्रभारी अनिल जैन के साथ पांच निर्दलीय विधायकों ने सरकार गठन के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा से शुक्रवार को यहां उनके आवास पर मुलाकात की.

हरियाणा में खट्टर सरकार को अपना समर्थन देंगे
भाजपा नेता जवाहर यादव ने बताया कि निर्दलीय विधायकों धर्मपाल गोंडन, नयनपाल रावत और सोमबीर सांगवान, राकेश दौलताबाद और रणधीर गोलन ने नड्डा से मुलाकात की और भगवा दल को अपना समर्थन दिया. विधायकों के साथ मौजूद यादव ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार को समर्थन देने के इरादे से ये निर्दलीय विधायक जे पी नड्डा के घर पहुंचे. बादशाहपुर विधानसभा सीट से जीतने वाले निर्दलीय विधायक दौलताबाद ने भी नड्डा से मुलाकात की. पृथला सीट से निर्दलीय विधायक रावत ने कहा, ‘‘हम यहां हरियाणा में खट्टर सरकार को अपना समर्थन देने के लिए आए हैं.