चंडीगढ़: हरियाणा मंत्रिमंडल ने निजी क्षेत्र की नौकरियों में राज्य के युवकों को 75 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने संबंधी अध्यादेश लाने के प्रस्ताव को सोमवार को मंजूरी दे दी. अगली बैठक में मंत्रिपरिषद के समक्ष अध्यादेश का मसौदा रखा जाएगा. भाजपा के साथ प्रदेश में गठबंधन सहयोगी दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी ने चुनावों में मुख्य रूप से निजी क्षेत्र की नौकरियों में प्रदेश के युवाओं को 75 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का वादा किया था.Also Read - हरियाणा में 37 पैसे प्रति यूनिट सस्ती हुई बिजली, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की घोषणा

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवार रोजगार अध्यादेश, 2020’ का मसौदा तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे स्थानीय युवाओं की बेरोजगारी की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर खत्म किया जा सके. Also Read - Haryana Lockdown Update: हरियाणा में 9 अगस्त तक बढ़ाया गया लॉकडाउन, जारी रहेगा नाइट कर्फ्यू

इसमें कहा गया, “अगली बैठक में मंत्रिपरिषद के समक्ष पेश किये जाने वाला मसौदा अध्यादेश के तहत विभिन्न निजी प्रबंधन वाली कंपनियों, समितियों, न्यासों, सीमित देयता साझेदारी फर्मों, साझेदारी फर्मों आदि में 50 हजार रुपये प्रति महीने से कम वेतन वाली 75 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय युवाओं को दी जाएंगी.” Also Read - केन्द्रीय मंत्री रामदास आठवले की पीएम मोदी से मांग- क्षत्रियों को मिले 10 प्रतिशत आरक्षण

नियोक्ता को हालांकि एक जिले से सिर्फ 10 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों की नियुक्ति का विकल्प मिलेगा. किसी खास श्रेणी के उद्योग में यदि उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिलते हैं तो छूट का प्रावधान भी उपलब्ध होगा. बैठक के बाद चौटाला ने कहा, “हरियाणा के युवाओं के लिए आज ऐतिहासिक दिन है क्योंकि अब निजी क्षेत्र के उद्योगों और कंपनियों के लिये हरियाणा के युवाओं को 75 प्रतिशत नौकरियां देना अनिवार्य होगा.” उन्होंने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार युवाओं के रोजगार के लिये प्रतिबद्ध है.