नई दिल्ली: देशभर में हो रही मॉब लिंचिंग को सरकार द्वारा रोकने की कोशिशों के बीच अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें उत्तर प्रदेश को नफरत के आधार पर होने वाले अपराध में टॉप पर बताया गया है. एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक भारत देश में साल 2018 के पहले 6 महीनों में 100 हेट क्राइम दर्ज किए गए जिसमें से अधिकतर समाज के दबे-पिछड़े और अल्पसंख्यकों के खिलाफ थे. Also Read - यूपी: बेटी प्रेग्‍नेंट हुई तो बाप ने गला दबाकर मार डाला, बोरे में लाश भर कर फेंक आया नाले में

उत्तर प्रदेश टॉप पर
इन 100 हेट क्राइम में से सबसे ज्यादा 18 उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए. इसके बाद दूसरा नंबर गुजरात का रहा जहां 13 मामले दर्ज किए गए. तीसरे नंबर पर राजस्थान रहा जहां 8 मामले हेट क्राइम के दर्ज किए गए. चौथे स्थान पर तमिलनाडु और पांचवे स्थान पर बिहार रहा जहां दोनों जगह 7-7 मामले हेट क्राइम के दर्ज किए गए. Also Read - भारत में अपनी गतिविधियों को रोकेगी एमनेस्टी, कहा- सरकार ने खाते फ्रीज कर दिए, लगातार बनाया जा रहा निशाना

इंजीनियर की हत्या
एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट ऐसे समय पर आई है जब हाल ही में कर्नाटक के बीदर जिले में भीड़ ने बच्चा चोरी की अफवाह पर एक 32 साल के इंजीनियर की जान ले ली और उसके तीन दोस्तों को मार मार कर अधमरा कर दिया. तीन घायलों में से एक की हालत बेहद गंभीर है. Also Read - Honour Killing: दूसरी जाति के युवक से की थी लव मैरिज, लड़की के परिवारवालों ने मार दिया

पुलिस ने बीदर में हुई इस मॉब लिंचिंग मामले में 32 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जिसमें उस Whatsapp ग्रुप का ग्रुप एडमिन भी शामिल है जिसके ग्रुप में इस अफवाह को फैलाया गया था जिसके बाद ये घटना घटित हुई.

एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक 2018 के पहले 6 महीनों में वंचित-शोषित समाज के खिलाफ 67 और अल्पसंख्यकों के खिलाफ 22 मामले हेट क्राइम के दर्ज हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार इनमें से अधिकतर मामले गाय और ऑनर किलिंग से संबंधित हैं. उत्तर प्रदेश में भी सबसे अधिक मामले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले दो महीनों में देशभर में मॉब लिंचिंग की घटनाओं में 20 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.