Hathras Updates: हाथरस मामले की आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आखिर वह क्या वजह थी, जिसके कारण कथित तौर पर हैवानियत की शिकार हुई 19 साल की दलित लड़की का अंतिम संस्कार देर रात कर दिया गया. यूपी सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि इस घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए सरकार निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. सरकार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को अपनी निगरानी में हाथरस में कथित गैंगरेप और मौत मामेल की सीबीआई जांच के निर्देश देने चाहिए.Also Read - आगरा में मृत सफाई कर्मचारी अरुण वाल्मीकि के परिवार से म‍िलीं प्रियंका गांधी, प्रशासन 10 लाख रुपए और एक सदस्य को नौकरी देगा

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सरकार ने गुहार लगाई कि सुप्रीम कोर्ट को हाथरस में कथित गैंगरेप और मौत मामले की सीबीआई जांच के निर्देश देने चाहिए. यूपी सरकार ने कहा कि वह मामले की निष्पक्ष जांच कर सकती है लेकिन ‘निहित स्वार्थ’ निष्पक्ष जांच को पटरी से उतारने के मकसद से प्रयास कर रहे हैं. Also Read - UP Unlock Update: उत्तर प्रदेश में खत्म हुआ Night Curfew, जानें योगी सरकार का ताजा फैसला

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया गया है कि हिंसा से बचने के उद्देश्य से देर रात पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया. यूपी सरकार के अनुसार खुफिया एजेंसियों के इनपुट थे कि इस मुद्दे को लेकर सुबह बड़े स्तर पर दंगा करने की तैयारी की जा रही है. अगर सुबह तक इंतजार करते तो स्थिति अनियंत्रित हो सकती थी. सरकार ने बताया कि जिला प्रशासन ने मृतक के माता-पिता को रात में अंतिम संस्कार करने के लिए मना लिया था.

बता दें कि हाथरस जिले के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित युवती से चार लड़कों ने कथित रूप से गैंगरेप किया था. लड़की की बाद में 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. मौत के बाद आनन-फानन में पुलिस ने देर रात पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया था, जिसके बाद काफी बवाल हुआ. परिवार का आरोप है कि अंतिम संस्कार के दौरान उनकी सहमति नहीं ली गई वहीं, प्रशासन ने इन दावों को खारिज किया है.