Hathras Gangrape Case Latest Updates: मध्य दिल्ली के जंतर मंतर पर शुक्रवार को कोविड-19 महामारी के बाद से शायद सबसे बड़ा प्रदर्शन हुआ तथा वहां जुटे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने हाथरस में कथित सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई युवती के लिए इंसाफ की मांग की. आपस में एक दूसरे से दूरी बनाकर रखने और मास्क लगाने के स्वास्थ्य संबंधी नियमों की जमकर अवहेलना होती देखी गयी. कुछ प्रदर्शनकारियों ने मास्क नहीं लगा रखा था. पुलिस वहां बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों से आपस में दूरी बनाकर रखने और मास्क लगाने का आह्वान करती रही. Also Read - फिल्म सिटी के बाद अब उप्र में बनेगा पहला डाटा सेंटर पार्क, 600 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली मंजूरी

जंतर मंतर पर काफी संख्या में नागरिक समाज के कार्यकर्ता, छात्र, महिलाएं और राजनीतिक दलों के नेता जुटे. पहले यह प्रदर्शन इंडिया गेट पर होना था लेकिन राजपथ इलाके में निषेधाज्ञा के चलते प्रदर्शन स्थल बदलकर जंतर-मंतर कर दिया गया. नेहा द्विवेद्वी नामक एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘ वे परिवार को चुप करा रहे हैं लेकिन वे लोगों को चुप नहीं करा पायेंगे. मैं कोविड-19 महामारी से डरी हुई हूं लेकिन हाथरस पीडि़ता के वास्ते इंसाफ के लिए अपनी आवाज उठाना और महत्वपूर्ण है. यही वजह है कि मैं इस बार बाहर निकलने के लिए बाध्य हुई.’’ Also Read - भाजपा सरकार की न तो नीतियां सही हैं, नीयत, योगी राज में विकास का पहिया थम गया है : अखिलेश

शेफाली वर्मा ने कहा, ‘‘ मैं अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर डरी हुई है. मैं जानती हूं कि हम महामारी से लड़ रहे हैं लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि आज हम बलात्कार नामक दूसरी महामारी के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए आये हैं. हम उस बेटी के लिए इंसाफ चाहते हैं जिसे अपनी मौत में भी मर्यादा नहीं मिली. ’’ Also Read - AAP सांसद संजय सिंह का योगी सरकार पर बड़ा आरोप, बोले- यूपी में अपराधियों पर कार्रवाई जाति पूछकर की जाती है

लोगों ने अपने हाथों में मोमबत्तियां भी ले रखी थीं. वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. हाथों में ढपली लिये हुए वामपंथी विचारधारा वाले विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाये. पुलिस ने कहा था कि जंतर मंतर पर 100 तक प्रदर्शनकारियों के इकट्ठा होने की अनुमति है और उसके लिए सक्षम अधिकारी से पूर्वानुमति आवश्यक है. लेकिन प्रदर्शन स्थल पर 100 से अधिक प्रदर्शनकारी थे.

हाथरस की घटना को लेकर एसपी समेत कई अधिकारी निलंबित

हाथरस की घटना पर मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शुक्रवार को कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पुलिस अधीक्षक, तत्‍कालीन क्षेत्राधिकारी और प्रभारी निरीक्षक समेत कई जिम्‍मेदार अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया जिसके बाद इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया. इस मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया था. अपर मुख्‍य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्‍थी ने शुक्रवार को इस फैसले की जानकारी दी.

मुख्‍यमंत्री ने हाथरस की घटना की जांच के लिए एसआईटी टीम गठित की थी. एसआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद लापरवाही और ढिलाई बरतने के आरोप में पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर, तत्‍कालीन क्षेत्राधिकारी राम शब्‍द, तत्‍कालीन प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार वर्मा, वरिष्‍ठ उपनिरीक्षक जगवीहर सिंह, हेड मुहर्रिर महेश पाल को निलंबित कर दिया गया है. विनीत जायसवाल को हाथरस का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है. इस मामले में सभी आरोपियों का नार्को परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं.

हाथरस की घटना के खिलाफ कोलकाता में प्रदर्शन की अगुवाई करेंगी ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी हाथरस में 19 साल की एक युवती से कथित सामूहिक बलात्कार और बाद में उसकी मौत की घटना को लेकर शनिवार को यहां प्रदर्शन की अगुवाई करेंगी. पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल को कथित बलात्कार पीड़िता के परिवार से मिलने से रोके जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है. पिछले छह माह में यह पहली बार होगा कि तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष सड़कों पर उतरेंगी. कोविड-19 के चलते मार्च में देशभर में लॉकडाउन लगा दिया गया था.

(इनपुट भाषा)