Hathras Gangrape Case: उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए दलित लड़की के गैंगरेप और मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. योगी सरकार पर विपक्ष हमलावर है. सरकार पर क़ानून व्यवस्था को लेकर निशाना साधा जा रहा है. देश भर में इए लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं. कांग्रेस भी जगह-जगह प्रदर्शन कर रही है. प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) इसे लेकर बयान जारी कर चुकी हैं. अब इसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी सरकार पर निशाना साधा है.Also Read - मुंबई में युवती से गैंगरेप, 4 नाबालिगों ने घटना को दिया अंजाम, 3 हिरासत में लिए गए

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा कि हाथरस की निर्भया की मृत्यु नहीं हुई है, उसे मारा गया है- एक निष्ठुर सरकार, उसके प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार की उपेक्षा द्वारा. जब ज़िंदा थी तो उसकी सुनवाई नहीं हुई, उसकी रक्षा नहीं हुई. उसकी मृत्यु के बाद उसे अपने घर की मिट्टी और हल्दी भी नसीब नहीं होने दी. Also Read - दोस्तों को बुलाकर अपनी ही पत्नी से कराता था गैंगरेप, पति चौंकाने वाले तरीके से करता था प्रताड़ित, अब...

सोनिया गांधी ने कहा कि उस बच्ची को अनाथों की तरह पुलिस के ज़ोर से जला दिया गया. ये कैसा न्याय है? ये कैसी सरकार है? आपको लगता है कि आप कुछ भी कर लेंगे और देश देखता रहेगा? बिलकुल नहीं! देश बोलेगा अन्याय के खिलाफ. मैं कांग्रेस की तरफ से हाथरस पीड़ित परिवार के न्याय की मांग के साथ खड़ी हूं. Also Read - असम के सीएम बोले- जो PM मोदी के साथ हुआ, वही मैं सोनिया और राहुल गांधी के साथ करूं तो...

बता दें कि उत्तर प्रदेश के हाथरस गैंगरेप (Hathras Gangrape) ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. बुरी तरह से की गई बर्बरता की गई. पीड़िता की जीभ काट गई थी. रीढ़ की हड्डी टूट गई थी. हालत इतनी खराब थी कि पीड़िता को दिल्ली ले जाया गया, इसके बाद पीड़िता की मौत हो गई. पुलिस ने बिना परिवार को बताये और बुलाये जबरन पीड़िता के शव का रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया. इसके बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया. लोग सड़कों पर उतर आये और विपक्ष बेहद आक्रामक तरीके से सरकार पर हमलावर है.

इस बीच योगी आदित्यनाथ सरकार ने हाथरस गैंगरेप पीड़िता को पहले 10 लाख और इसे फिर 25 लाख लाख रुपये देने का ऐलान किया. परिवार के एक सदस्य को नौकरी और शहर में एक घर देने भी देने की बात कही गई है. वहीं, पीड़िता का परिवार बेहद सदमे में है. परिवार सदमे में होने के बाद ही डरा हुआ भी है. पुलिस द्वारा पीड़िता के शव को रात में ही बिना परिवार की इजाज़त के जलाए जाने के कारण परिवार का यकीन बुरी तरह से डगमगा गया है. परिवार का कहना है कि उनके साथ कुछ भी हो सकता है. बेटी का अंतिम संस्कार जबरन कर दिया गया. हमें बेटी का चेहरा भी आखिरी बार नहीं देखने दिया गया.

पीड़िता की भाभी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें हमारी दीदी वापस चाहिए हैं. पैसों से गरीबों को आखिर कब तक खरीदा जाता रहेगा. परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक डराया जा रहा है. अंतिम संस्कार जब पुलिस कर रही थी तब जबरन धक्के मार कर मौके से हटा दिया गया. पता नहीं हमारी ही बेटी थी कि किसी और को जला दिया. बहरहाल, इस घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है. एसआईटी ने इस मामले की जांच भी शुरू कर दी है.