नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में राजनगर एक्सटेंशन इलाके से 23 मई को किडनैप किए गए सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजीव कुमार मामले में गाजियाबाद पुलिस और यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स को बड़ी कामयाबी मिली है. गाजियाबाद पुलिस और यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स ने साझे ऑपरेशन में राजीव को सही सलामत बचा लिया है. गाजियाबाद पुलिस ने स्पेशल फोर्स के साथ मिलकर किडनैप राजीव को ढूंढने के लिए ऑपरेशन चलाया था जिसमें ये सफलता हाथ लगी है.

एचसीएल कंपनी में काम करने वाले 35 वर्षीय राजीव कुमार को ढूंढने के दौरान पुलिस और किडनैपर्स के बीच एनकाउंटर भी हुआ जिसमें पुलिस ने बदमाशों को पछाड़ दिया और तीन किडनैपर्स को गिरफ्तार भी किया है.

जन्मदिन से पहले हुआ था किडनैप
35 वर्षीय राजीव कुमार नोएडा में एचसीएल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. 24 मई को राजीव का जन्मदिन था जिसे मनाने के लिए वो हरिद्वार स्थित अपने घर जाने वाले थे लेकिन उससे पहले ही 23 मई की रात को उनका अपहरण हो गया. पुलिस के मुताबिक राजीव को 23 मई की रात को ऑफिस की कैब ने रात 11 बजे के करीब राजनगर एक्सटेंशन एरिया में उतारा था जिसके बाद वो अपने घर जाने के लिए हरिद्वार जाने वाली बस पकड़ने वाले थे लेकिन इसी बीच राजीव का अपहरण हो गया. पुलिस ने जब जांच की तो राजीव के मोबाइल की आखिरी लोकेशन राजनगर एक्सटेंशन क्रॉसिंग पर दिखाई दे रही थी.

पत्नी के मोबाइल पर आया मैसेज
जब राजीव 24 मई की सुबह तक अपने घर नहीं पहुंचे तो उनके घरवालों ने उनके बारे में जांच पड़ताल शुरू की. 24 मई को सुबह साढ़े 10 बजे के आसपास राजीव की पत्नी ने राजीव के व्हाट्सऐप पर मैसेज करके पूछा कि कहां हो, इसपर थोड़ी देर बाद रिप्लाई आया कि, ”15 लाख…तुम्हारा आदमी किडनैप हो गया है…कल व्हाट्सऐप पर बात करुंगा.” इसके बाद राजीव का मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया. इसके बाद राजीव के घरवालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस ने चलाया ऑपरेशन
राजीव कुमार के किडनैप होने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने यूपी की स्पेशल फोर्स के साथ मिलकर ऑपरेशन चलाया और राजीव को ऑफिस से छोड़ने वाले कैब ड्राइवर से भी पूछताछ की. इसके बाद पुलिस ने हरिद्वारा की तरफ चलने वाली प्राइवेट टेक्सियों से भी पूछताछ की और एक बार सुराग हाथ लगने के बाद किडनैपर्स को धर दबोचा.