बेंगलुरु. फिल्म ‘एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर’ को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ने कहा कि वह भी ‘‘एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर’’ हैं. यह फिल्म प्रधानमंत्री के तौर पर मनमोहन सिंह के कार्यकाल पर आधारित है. वह साल 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री थे. कांग्रेस का आरोप है कि यह उसकी पार्टी के खिलाफ कांग्रेस का दुष्प्रचार है. Also Read - सोनिया गांधी ने विदेश, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक मामलों पर तीन समितियों का गठन किया, मनमोहन सभी का हिस्सा

फिल्म संजय बारु की इसी नाम से लिखी किताब पर आधारित है. बारु साल 2004 से 2008 तक मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार थे. फिल्म का ट्रेलर बृहस्पतिवार को मुंबई में रिलीज किया गया. विवाद को लेकर पूछे गये सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए 85 वर्षीय जदएस प्रमुख ने कहा, असल में मैं नहीं जानता कि इसकी अनुमति क्यों दी गई. मुझे लगता है कि यह दो या तीन महीने पहले शुरू हुआ. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: सोनिया, मनमोहन, राहुल सहित 30 नेता होंगे कांग्रेस के स्टार प्रचारक, ये रही लिस्ट

नहीं जानता इसके बारे में
देवगौड़ा ने कहा, मैं नहीं जानता किसने इसकी इजाजत दी और क्यों? सच कहूं तो मैं इस तथाकथित ‘एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर’ के बारे में नहीं जानता. बल्कि मुझे लगता है कि मैं भी एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर हूं. विजय रत्नाकर गुट्टे के निर्देशन में बनी फिल्म में अनुपम खेर ने मनमोहन सिंह का किरदार निभाया है और अक्षय खन्ना ने संजय बारु का किरदार निभाया है. यह फिल्म 11 जनवरी को रिलीज होने वाली है. Also Read - Manmohan Singh Birthday: प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व PM डॉ. मनमोहन सिंह को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं, ट्वीट कर लिखा...

साल 1996 में पीएम बने थे देवगौड़ा
साल 1996 के आम चुनाव में सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी के पास पर्याप्त सीटें नहीं थीं. गैर-कांग्रेसी और गैर भाजपाई क्षेत्रीय पार्टियों के गठबंधन संयुक्त मोर्चा ने कांग्रेस के समर्थन से केंद्र में सरकार बनाने का फैसला किया और देवगौड़ा को सरकार का मुखिया चुना. क्षेत्रीय पार्टियों एवं कांग्रेस के समर्थन से देवगौड़ा एक जून 1996 से 21 अप्रैल 1997 तक प्रधानमंत्री रहे. लेकिन बाद में कांग्रेस ने समर्थन वापस ले लिया, जिससे देवगौड़ा को पद छोड़ना पड़ा.