'ठाकुर हूं मैं, इसकी तो...', वायरल हो रहे इस वीडियो पर आया आस्था सिंह का जवाब, जानें अब क्या कह डाला

HDFC बैंक की कर्मचारी आस्था सिंह ने वायरल 'थाकुर हूं मैं' वीडियो पर सफाई देते हुए कहा कि क्लिप पुरानी, अधूरी और गलत संदर्भ में फैलाई गई है. उनका दावा है कि विवाद किसी ग्राहक से नहीं, बल्कि सहकर्मी के पति से हुआ था.

Published date india.com Published: February 10, 2026 8:48 PM IST
'ठाकुर हूं मैं, इसकी तो...', वायरल हो रहे इस वीडियो पर आया आस्था सिंह का जवाब, जानें अब क्या कह डाला

Astha Singh Viral Video: कानपुर के पनकी स्थित HDFC बैंक ब्रांच की रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह इन दिनों सोशल मीडिया और मीडिया की सुर्खियों में हैं. उनका एक 33 सेकंड का वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वह गुस्से में ‘थाकुर हूं मैं…’ कहते हुए नजर आ रही हैं. इस वीडियो को लेकर उन पर जातिगत घमंड दिखाने और ग्राहकों के साथ अभद्र व्यवहार करने जैसे आरोप लगाए गए. अब इस पूरे विवाद पर आस्था सिंह ने सामने आकर अपनी सफाई दी है और वीडियो को ‘अधूरा और गलत संदर्भ में पेश किया गया’ बताया है.

आस्था ने सफाई में क्या कहा?

आस्था सिंह ने अपनी सफाई में कहा कि वायरल क्लिप 6 जनवरी की है और इसे जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. उन्होंने साफ किया कि इस घटना का किसी भी बैंक ग्राहक से कोई संबंध नहीं था. उनके अनुसार, विवाद बैंक की ही एक महिला कर्मचारी और उसके पति से जुड़ा हुआ था, न कि किसी आम ग्राहक से जैसा कि सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि बैंक की एक महिला कर्मचारी ने इस्तीफा दे दिया था और उसी दिन अपना रिलीविंग लेटर चाहती थी. उस कर्मचारी की भाभी सुबह से ही ब्रांच में बैठी थीं, जिसको लेकर कुछ कहासुनी हुई. इसके बाद उस महिला ने अपने पति को फोन किया. आस्था का आरोप है कि बैंक के कामकाज के घंटे खत्म होने के बाद वह व्यक्ति ब्रांच में आया और उनके साथ बदतमीजी करने लगा.

आस्था सिंह के मुताबिक, उस व्यक्ति ने उनसे सीधे तौर पर उनकी जाति पूछी और कहा, ‘तुम बहुत घमंडी हो, मैं तुम्हें सबक सिखाऊंगा.’ उन्होंने आरोप लगाया कि उस व्यक्ति ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया और डराने की कोशिश की. आस्था का कहना है कि ‘थाकुर हूं मैं’ वाला बयान इसी उकसावे और अपमान के जवाब में आया था, न कि किसी को डराने या जातिगत श्रेष्ठता दिखाने के इरादे से.

आगे क्या बोलीं आस्था?

उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि एक बैंक कर्मचारी होने के नाते उन्हें अपने शब्दों का चयन सावधानी से करना चाहिए था. लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति उन्हें धमकाता है और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करता है, तो वह चुप नहीं रह सकतीं. आस्था ने कहा, ‘मैं जनता की सेवा के लिए हूं, लेकिन किसी की बदसलूकी सहना मेरी जिम्मेदारी नहीं है.’

वीडियो में उनके ‘थाकुर हूं मैं’ कहने को लेकर उठे जातिवाद के आरोपों पर आस्था सिंह ने साफ कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया है. उन्होंने दोहराया कि उन्हें अपनी पहचान पर गर्व है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह किसी के साथ भेदभाव करती हैं या ग्राहकों को डराने की कोशिश करती हैं.

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इस पूरे मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सच्चाई और संदर्भ को लेकर बहस छेड़ दी है. अधूरे क्लिप्स और एकतरफा नैरेटिव कैसे किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं, यह मामला उसका ताजा उदाहरण बन गया है. फिलहाल, आस्था सिंह की सफाई के बाद अब सबकी नजर HDFC बैंक के आंतरिक कदमों और इस विवाद पर आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है.

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