मुंबई। पांच दिन पहले लापता हो गए 39 साल के एचडीएफसी बैंक के वाइस प्रेसीडेंट सिद्धार्थ संघवी का शव बरामद कर लिया गया है. उनकी मौत के सिलसिले में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि पेशेवर प्रतिद्वंदिता का नतीजा जान पड़ता है. पुलिस ने बताया कि 20 साल कैब ड्राइवर सरफराज शेख उर्फ रईस को एक प्रमुख निजी बैंक के उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सांघवी की हत्या करने की कथित रूप से सुपारी दी गयी थी. सांघवी पांच सितंबर की शाम से गायब थे. पुलिस के अनुसार इस मामले में शेख को गिरफ्तार किया गया है जबकि एक महिला समेत चार लोग हिरासत में लिए गए हैं.

कैब ड्राइवर का हाथ

पुलिस उपायुक्त (अपराध) तुषार दोशी ने बताया कि आरोपी ड्राइवर को शुरू में नवी मुंबई अपराध शाखा ने हिरासत में लिया और उसे मुंबई पुलिस को सौंप दिया. मुंबई पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. ड्राइवर नवी मुंबई के कोपराखैराने का रहने वाला है. दोशी ने कहा कि हमने सांघवी की हत्या और शव को नष्ट करने की साजिश रचने में उसकी भूमिका पाई.

एक अन्य अधिकारी के मुताबिक कि इस अपराध में इस्तेमाल की गई कार शेख के घर के पास खड़ी मिली थी. शेख ने बुधवार को सांघवी की कथित तौर पर हत्या कर दी और पड़ोस के जिले ठाणे के कल्याण में हाजी मलंग दरगाह के पास शव को ठिकाने लगा दिया था. जांच में सामने आया कि हाल ही प्रमोशन पाने वाले सांघवी की हत्या पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के चलते की गई है. रविवार को उनका शव मिला.

अधिकारी के अनुसार, फ्रैब्रीकेटर का भी काम करने वाले शेख ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि एक महिला समेत चार लोगों ने उसे सांघवी की हत्या के लिए सुपारी दी थी. बता दें कि सांघवी पांच सितंबर को कमला मिल्स के बाहर से अचानक गायब हो गए थे. इस दौरान उनकी कार में तीन और लोग नजर आए थे. लेकिन इसके बाद वह लापता हो गए और अब उनकी लाश मिली है. अंदेशा है कि उनकी मौत पेशेवर लड़ाई का नतीजा है जिसमें ऑफिस के कुछ लोगों का हाथ हो सकता है.