पंचकूला। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और अन्य के खिलाफ हत्या के दो मामलों में सुनवाई हुई. पत्रकार हत्याकांड में खट्टा सिंह फिर से राम रहीम के खिलाफ गवाही देने को तैयार हुए हैं. वकील ने बताया कि खट्टा सिंह की गवाही के लिए अदालत में अपील की गई है. इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की है.

हत्या के इन मामलों के सात आरोपी पंचकूला अदालत में मौजूद थे, लेकिन जेल में बंद राम रहीम की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई. सिरसा के पत्रकार राम चंदर सिंह और डेरा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामलों को शनिवार को न्यायाधीश जगदीप सिंह की विशेष सीबीआई अदालत में अंतिम सुनवाई के लिए अधिसूचित किया गया था. सुनवाई के मद्देनजर पंचकूला सीबीआई कोर्ट और आस-पास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

उल्लेखनीय है कि खट्टा सिंह राम रहीम का ड्राइवर रह चुका है. खट्टा सिंह पहले भी राम रहीम के खिलाफ कई खुलासे कर चुके हैं. उसने कहा कि उन्होंने दवाब में आकर अपने बयान बदले थे लेकिन अब वे दोबारा अपनी गवाही देना चाहते हैं. यह मामला डेरा प्रमुख के अनुयायियों और उसके लिए काम करने वालों की ओर से कथित रूप से सिरसा के पत्रकार राम चंद्र छत्रपति और डेरा मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या से जुड़ा हुआ है. इस मामले की सुनवाई सीबीआई के विशेष न्यायाधीश जगदीप सिंह करेंगे, जिन्होंने इससे पहले 25 अगस्त को दुष्कर्म के दो मामलों में राम रहीम को 20 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी.

इन 10 बिंदुओं में समझें क्या है पूरा मामला…

Two murder cases against Gurmeet Ram Rahim will be heard tomorrow, unprecedented security arrangements | गुरमीत राम रहीम के खिलाफ हत्या के दो मामलों में आज होगी सुनवाई, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

Two murder cases against Gurmeet Ram Rahim will be heard tomorrow, unprecedented security arrangements | गुरमीत राम रहीम के खिलाफ हत्या के दो मामलों में आज होगी सुनवाई, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

  • सीबीआई की अदालत पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और पूर्व डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या मामले की सुनवाई कर रही है. इन मामलों में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद से लेकर अधिकतम मृत्युदंड तक की सजा दी जा सकती है.
  • 24 अक्तूबर 2002 को सिरसा के सांध्य दैनिक ‘पूरा सच’ के संपादक रामचन्द्र छत्रपति को उनके घर के बाहर गोलियों से छलनी कर दिया गया था. 21 नवम्बर 2002 को छत्रपति की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मौत हो गई थी. उनके अखबार ‘पूरा सच’ ने एक गुमनाम पत्र छापा था, जिसमें डेरा में साध्वियों से बलात्कार का खुलासा किया गया था.
  • 10 जुलाई 2002 को डेरा प्रबंध समिति सदस्य रहे रणजीत सिंह की हत्या की गई थी. डेरा प्रबंधन को रंजीत सिंह पर साध्वी का पत्र तत्कालीन प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का शक था. हत्या का शिकार बने दोनों लोगों के परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद ही पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने नवंबर 2003 में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे.
  • हत्या मामले में सीबीआई ने 30 जुलाई 2007 को आरोप पत्र दाखिल किया था. इन दोनों ही मामलों में 16 सितम्बर 2017 को सीबीआई कोर्ट में सुनवाई होनी है. इन मामलों में गुरमीत राम रहीम को मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सीबीआई ने नामजद किया है.

  • सुनवाई के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. हरियाणा पुलिस महानिदेशक बी.एस. संधू ने शुक्रवार को बताया कि पंचकुला के सेक्टर 1 स्थित अदालत परिसर एवं अन्य क्षेत्रों में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों और हरियाणा पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है.
  • पंचकुला में शनिवार की सुनवाई से पहले डेरा समर्थकों के जमा होने की कोई खबर नहीं है, इससे पहले 25 अगस्त को हुई सुनवाई में यहां एक लाख से ज्यादा लोग एकत्रित हो गए थे.
  • पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुष्कर्मी राम रहीम को शनिवार को सीबीआई की अदालत में पेश नहीं किया जाएगा. उसकी पेशी जिला जेल सुनारिया से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होगी.
  • दुष्कर्म मामले में 25 अगस्त को दोषी ठहराए जाने के बाद राम रहीम को 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा मिली थी.
  • गुरमीत राम रहीम को सजा के ऐलान के बाद डेरा समर्थकों की हिंसा में 38 लोग मारे गए थे और 264 घायल हो गए थे.