नई दिल्लीः राम मंदिर मामले में आज यानि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई हो रही है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अयोध्या प्रशासन ने कोर्ट का फैसला आने से पहले शहर में धारा-144 लागू कर दी है. जानकारी के अनुसार 10 दिसंबर तक यह लागू रहेगी. धारा-144 लागू होने के बाद अब शहर में कही भी चार से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकते. प्रशासन सुरक्षा के लिए ड्रोन का भी साहारा ले रहा है.

प्रधान न्यायधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में दशहरे की हफ्ते भर के बाद सुप्रीम कोर्ट में रामजन्म भूमि- बाबरी मस्जिद विवाद में 38वें दिन की कार्रवाही शुरू हुई. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले में सुनवाई के लिए 17 अक्टूबर तक का समय निर्धारित किया है. आज की सुनवाई में मुस्लिम पक्ष की ओर से दलील रखी जाएगी और इसके बाद 16 अक्टूबर को हिंदू पक्ष अपनी बात रखेगा. ऐसा माना जा रहा है कि 17 अक्टूबर को इस मसले पर कोई निर्णय आ सकता है.

84 मुकदमें और SIT जांच का बोझ इतना है कि मेरा 22 किलो वजन कम हो गया हैः आजम खान

इससे पहले जब सोमवार को सुनवाई शुरू हुई तो सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन ने कोर्ट से कहा कि आज जिरह पूरी करना संभव नहीं हो पायेगा. उन्‍होंने आज के बाद डेढ़ धंटे का और वक्त अपनी जिरह पूरी करने के लिए मांगा. कोर्ट ने कहा कि आज ही अपनी बात पूरी करने की कोशिश कीजिए. हालांकि तय तय शेड्यूल के मुताबिक सोमवार को मुस्लिम पक्ष के पास अपनी बात रखने का अंतिम मौका है. मंगलवार और बुधवार को हिंदू पक्ष को जवाब देने का आखिरी मौका मिलेगा और 17 अक्‍टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया जाएगा.

इस बीच अयोध्‍या में 17 अक्‍टूबर तक सुनवाई पूरी होने की संभावना के मद्देनजर अयोध्या का जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है है. 17 नवंबर से पहले संभावित फैसले को लेकर 10 दिसंबर तक जनपद में धारा 144 लागू कर दी गई है. दीपोत्सव, चेहल्लुम व कार्तिक मेले को लेकर 2 महीने तक अयोध्या जनपद में धारा 144 लागू रहेगी. जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने जनपद में निषेधाज्ञा लगा दी है.