अमृतसर, 4 दिसम्बर। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने रविवार को युद्धग्रस्त देश में आर्थिक विकास के लिए भारत के बिना शर्त सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत, ईरान और उनके देश के बीच मुख्य चाबहार बंदरगाह का विस्तार क्षेत्रीय व्यापार और संपर्क के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। गनी ने विशेष रूप से सलमा बांध के निर्माण में भारतीय सहयोग की बात की। इस बांध को आधिकारिक रूप से अफगान-भारत मैत्री बांध भी कहा जाता है। इसका उद्घाटन चार जून, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हेरात में गनी के साथ संयुक्त रूप से किया था।Also Read - करीब 1100 करोड़ रुपये चुराकर फरार हुए गनी, अफगान राजनयिक ने कहा- गिरफ्तार हो राष्ट्रपति

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गनी ने कहा, “अफगानिस्तान में लोगों के जीवन में सुधार के लिए भारत का सहयोग पारदर्शी है।” उन्होंने छठे मंत्रिस्तरीय हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इस सम्मेलन का शीर्षक ‘हार्ट ऑफ एशिया कांफ्रेंस-इस्तांबुल प्रॉसेस ऑन अफगानिस्तान’ है। इस सम्मेलन में दक्षिण और मध्य एशिया के साथ कई पश्चिमी देश भी हिस्सा ले रहे हैं। यह भी पढ़े-हार्ट ऑफ एशिया समिट: पीएम मोदी बोले आतंक ही नहीं उसे पनाह देने और बढ़ाने वालों के खिलाफ खड़ी हो दुनिया Also Read - अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी ने यूएई में ली शरण, मानवीय आधार पर स्वीकार किए गए

गनी ने कहा कि चाबहार बंदरगाह विकास परियोजना संपर्क और वाणिज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भारत और ईरान ने ओमान खाड़ी में बंदरगाह के नवीकरण के लिए 2016 में द्विपक्षीय समझौता किया था। इससे भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार का वैकल्पिक मार्ग बनने की उम्मीद है।