अमृतसर: अमृतसर में हार्ट ऑफ एशिया का छठा मंत्रिस्तरीय सम्मेलन हो रहा है जहां वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 40 देशों से आए प्रतिनिधि मंडल का स्वागत किया। बता दें कि हार्ट ऑफ एशिया का गठन 2011 में अफगानिस्तान और उसके पड़ोसी देशों के बीच रक्षा, राजनैतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया है। उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने अपने संबोधन में एक बार फिर आतंकवाद को मुद्दा उठाते हुए कहा कि हम मजबूत इच्‍छाशक्ति से ही इसे खत्‍म कर सकते हैं। अफगानिस्‍तान में फैले आतंक के खिलाफ चुप बैठने और कोई एक्‍शन ना लेने से ना सिर्फ अफगानिस्‍तान बल्कि पूरे रीजन में आतंक को बढ़ावा मिलेगा।Also Read - Amar Jawan Jyoti: गणतंत्र दिवस 2022 से पहले अमर जवान ज्योति को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की लौ में मिलाने का सरकार फैसला

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इस साल अमृतसर में हो रहे इस सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत रविवार को हुई है जिसमें अफग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ घानी ने प्रतिनिध मंडल को संबोधित करते हुए कहा है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच पारदर्शिता है और दोनों देशों के बीच रिश्ते विश्वास और मूल्यों पर आधारित है। घानी ने ज़ोर देकर कहा कि आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है और जरूरी है कि इस सम्मेलन पर इस मुद्दे का सामना किया जाए। यह भी पढ़े-हार्ट ऑफ एशिया: सरताज अजीज से मिले मोदी, बातचीत की उम्मीद कम,पढ़े 5 बड़ी बातें Also Read - Punjab Opinion Poll 2022 , Janta ka Mood: जानें पंजाब में किस पार्टी को फायदा, कौन सत्ता के कितने करीब

पीएम नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सबका यहां एकजुट होना, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता को फिर से दिखाता है। उन्होंने कहा कि हमारी बातों और कार्यों का मक़सद अफगानिस्तान और उसके नागरिकों की तरक्की, मज़बूती और बाहरी खतरे से बचाने पर रहता है।

इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़ के साथ चार देशों के विदेशमंत्रियों ने शनिवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिसके दौरान प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि अफगानिस्तान और क्षेत्र में स्थिरता के लिए आतंकवाद और हिंसा को खत्म करना महत्वपूर्ण है। यह भी पढ़े-मोदी, गनी के बीच द्विपक्षीय मुलाकात

सम्‍मेलन के उद्घाटन से पहले पीएम मोदी और अफगान राष्‍ट्रपति के बीच द्विपक्षीय चर्चा हुई। अमृतसर में चल रहे इस्‍ताम्‍बुल कॉन्‍क्‍लेव में दुनियाभर के 40 मुल्‍कों के नुमाइंदे इस्‍ताम्‍बुल की बेहतरी पर चर्चा करेंगे। वैसे अफगानिस्‍तान का सबसे बड़ा दुख आतंकवाद है और भारत की तरह अफगानिस्‍तान भी लगातार इसके लिए पाकिस्‍तान को जिम्‍मेदार ठहराता आया है।

सरताज से बात मुश्किल

पाकिस्‍तान के विदेश सचिव सरताज अजीज एक दिन पहले ही इस समिट में हिस्‍सा लेने भारत पहुंच चुके हैं। उन्‍होंने शनिवार को पीएम मोदी से मुलाकात भी की है लेकिन इस बात की कम संभावना है कि रविवार को भारत और पाक के बीच किसी तरह की बातचीत हो सकती है।

हालांकि सरताज अजीज ने भारत पहुंचने के बाद एक बयान में कहा कि वो हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि पाकिस्‍तान इस सम्‍मेलन में किसी भी स्‍तर पर कश्‍मीर मुद्दा नहीं उठाएगा।

पीएम मोदी से किर्गिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और स्लोवाकिया के विदेशमंत्रियों के साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार अज़ीज़ की यह मुलाकात हार्ट ऑफ एशिया के छठे मंत्रिस्तरीय सम्मेलन से पहले हुई।