नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक एक आम समस्या है. खासकर सुबह और शाम को ऑफिस जाते और ऑफिस से घर आते समय दिल्ली की सड़कों पर गाड़ियों की एक लंबी कतार देखी जा सकती है. लेकिन बुधवार को दिल्ली में एक व्यक्ति की जान बचाने के लिए सारा ट्रैफिक एक तरफ कर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. ये ग्रीन कॉरिडोर दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से सर गंगाराम अस्पताल तक बनाया गया. मामला दिल्ली के एक व्यक्ति का था जिसे हॉर्ट ट्रांसप्लांट की जरूरत थी और ये जरूरत पूरी हुई तमिलनाडु के एक व्यक्ति से. Also Read - अगर सरकार हां करे, प्रवासियों को दिल्ली,मुंबई से पटना छोड़ आएंगे : स्पाइसजेट

तमिलनाडु के मदुरै के एक मरीज से हासिल किया गया हृदय बुधवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से एक सर गंगाराम अस्पताल के बीच ‘‘ग्रीन कॉरिडोर’’ के जरिए सिर्फ 13 मिनट में ले जाया गया. अधिकारियों ने बताया कि हृदय 45 साल के एक व्यक्ति में प्रत्यारोपित किया जाना था.

यह अंग पहले मदुरै से एक चार्टर्ड विमान के सहारे दिल्ली हवाईअड्डे लाया गया जहां से सड़क मार्ग से उसे सर गंगाराम अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें रात साढ़े आठ बजे हृदय मिला, हृदय दिल्ली के रहने वाले 45 साल के एक व्यक्ति के शरीर में प्रत्यारोपित किया जाएगा.’’

क्या होता है ग्रीन कॉरिडोर
ग्रीन कॉरिडोर एक ऐसी व्यवस्था को कहा जाताहै जिसमें अस्पताल के लोगों और पुलिस के आपसी सहयोग से अस्थायी रूप से एक रूट तैयार किया जाता है जिसमे कुछ देर के लिए ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से निर्धारित मार्ग पर कुछ देर के लिए यातायात रोक दिया जाता है या डॉयवर्ट कर दिया जाता है ताकि एम्बुलेंस को एक से दूसरी जगह जाने के लिए कम से कम समय लगे. ऐसे में एम्बुलेंस का ड्राईवर काफी अनुभवी और प्रशिक्षित होता है जो भीड़ भाड़ वाले स्थान में भी गाड़ी चलाने के लिए सहज होते हैं.

ऐसे में कम से कम समय में मरीज को चिकित्सा सेवा मुहैया करवा दी जाती है जिसकी वजह से किसी की जिन्दगी बचाने के लिए इमरजेंसी में लगने वाला समय कम हो जाता है और समय पर चिकित्सा सुविधा मुहैया करवा देने के कारण मरीज के बचने की संभावनाएं बढ़ जाती है.